विसाल ऐसे भी महँगा पड़ेगा दोनों को…

visal aise bhi mahnga padega dono ko

विसाल ऐसे भी महँगा पड़ेगा दोनों को बिछड़ने के लिए मिलना पड़ेगा दोनों को, फिर ऐसे तर्क ए

उसने यूँ रास्ता दिया मुझको…

usne yun rasta diya mujhko raste se hi hata diya mujhko

उसने यूँ रास्ता दिया मुझको रास्ते से ही हटा दिया मुझको, दूर करने के वास्ते ख़ुद से ख़ुद

उम्र भर सीने में एक दर्द दबाए रखा…

umr bhar sine me ek dard dabaye rakha

उम्र भर सीने में एक दर्द दबाए रखा एक बेनाम से रिश्ते को निभाए रखा, था मुझे वहम

कुछ एक रोज़ में मैं चाहतें बदलता हूँ…

kuch ek roz me main chahte badalta hoo

कुछ एक रोज़ में मैं चाहतें बदलता हूँ अगर न सीट मिले तो बसें बदलता हूँ, हर एक

जुदाई में तेरी आँखों को झील करते हुए…

judai me teri aankho ko jheel karte hue

जुदाई में तेरी आँखों को झील करते हुए सुबूत ज़ाएअ’ किया है दलील करते हुए, मैं अपने आप

झूठ का बोलना आसान नहीं होता है…

ye dil tere baad pareshan nahi hota

झूठ का बोलना आसान नहीं होता है ये दिल तेरे बाद परेशान नहीं होता है, सब तेरे बा’द

हरगिज़ किसी भी तौर किसी के न हो सके…

hargiz kisi bhi taur kisi ke naa ho sake

हरगिज़ किसी भी तौर किसी के न हो सके हम उसके बाद और किसी के न हो सके,

एक रात लगती है एक सहर बनाने में…

ek raat lagti hai ek sahar banane me

एक रात लगती है एक सहर बनाने में हमने क्यों नहीं सोचा हमसफ़र बनाने में ? मंज़िलें बदलते

दिन रात उसके हिज्र का दीमक लगे लगे…

din raat uske hizr ka dimak lage lage

दिन रात उसके हिज्र का दीमक लगे लगे दिल के तमाम ख़ाने मुझे खोखले लगे, महफ़िल में नाम

छोड़ कर ऐसे गया है छोड़ने वाला मुझे…

chhod kar aise gaya hai chhodne wala mujhe

छोड़ कर ऐसे गया है छोड़ने वाला मुझे दोस्तो उसने कहीं का भी नहीं छोड़ा मुझे, बोलबाला इस