राह ए इश्क़ के हर मोड़ पे परेशानियाँ होंगी…

wo is andaz ki mujhse mohabbat chahta hai

राह ए इश्क़ के हर मोड़ पे परेशानियाँ होंगी बहारे ना सही मगर सदा ही वीरानियाँ होंगी, कहीं

पास आओ एक इल्तज़ा सुन लो…

nazar se guftagoo khamosh lab tumhari tarah

पास आओ एक इल्तज़ा सुन लो प्यार है तुमसे बेपनाह सुन लो, एक तुम्ही को ख़ुदा से माँगा

मुहब्बत जो हकीकी हो तो क़िस्मत ही सँवर जाती…

ye ishq me sab duniya wale

मुहब्बत जो हकीकी हो तो क़िस्मत ही सँवर जाती मुहब्बत जो मिजाज़ी हो तो उलझन औद कर आती,

काम इस दिल की तबाही से लिया क्या जाए…

kaam is dil ki tabahi se kya liya jaaye

काम इस दिल की तबाही से लिया क्या जाए सोचता हूँ कि ख़राबे में किया क्या जाए ?

इश्क़ सहरा है कि दरियाँ कभी सोचा तुमने…

adhure khwabo ki anokhi

इश्क़ सहरा है कि दरियाँ कभी सोचा तुमने तुझसे क्या है मेरा नाता कभी सोचा तुमने ? हाँ

वो मुहब्बत गई वो फ़साने गए…

wo muhabbat gayi wo fasane gaye

वो मुहब्बत गई वो फ़साने गए जो खज़ाने थे अपने खज़ाने गए, चाहतो का वो दिलकश ज़माना गया

यही कम नहीं है ज़िन्दगी के लिए…

yahi kam nahi hai zindagi ke liye

यही कम नहीं है ज़िन्दगी के लिए यहाँ चैन मिल जाए दो घड़ी के लिए, दिल ए ज़ार

ऐ सनम वस्ल की तदबीरों से क्या होता है…

sukhanwari ka bahana banata rahta hoon

ऐ सनम वस्ल की तदबीरों से क्या होता है वही होता है जो मंज़ूर ए ख़ुदा होता है,

किस तरह मिलें कोई बहाना नहीं मिलता…

kis tarah mile koi bahana nahi milta

किस तरह मिलें कोई बहाना नहीं मिलता हम जा नहीं सकते उन्हें आना नहीं मिलता, फिरते हैं वहाँ

वो जिस का अक्स लहू को जगा दिया करता…

main usko khwab khwab me sada diya karta

वो जिस का अक्स लहू को जगा दिया करता मैं ख़्वाब ख़्वाब में उस को सदा दिया करता,