क्या करेंगे आप मेरे दिल का मंज़र देख कर

zahar-ke-ghoont-bhi

क्या करेंगे आप मेरे दिल का मंज़र देख कर ख़ामखा हैरान होंगे एक समन्दर देख कर, ये अमीरों

इतना एहसान तो हम पर वो ख़ुदारा करते

itna-ehsan-to-ham

इतना एहसान तो हम पर वो ख़ुदारा करते अपने हाथो से ज़िगर चाक हमारा करते, हमको तो दर्द

हर वक़्त किसी को मुकम्मल नज़ारा नहीं मिलता

har-waqt-kisi-ko

हर वक़्त किसी को मुकम्मल नज़ारा नहीं मिलता उम्मीद जब रखो तो कहीं किनारा नहीं मिलता, वफाओं के

तमाम उम्र कटी उसकी मेज़बानी में

tamam-umr-kati-uski

तमाम उम्र कटी उसकी मेज़बानी में बिछड़ गया था कभी जो भरी जवानी में, हमारे होने तलक सब

तू इस क़दर मुझे अपने क़रीब लगता है

tu-is-qadar-mujhe

तू इस क़दर मुझे अपने क़रीब लगता है तुझे अलग से जो सोचू अजीब लगता है, जिसे ना

हमें कुछ पता नहीं है हम क्यूँ बहक रहे हैं ?

hame-kuch-pata-nahi

हमें कुछ पता नहीं है हम क्यूँ बहक रहे हैं ? रातें सुलग रही हैं दिन भी दहक

हिज़ाब तेरे चेहरे पर मैं सजा दूँ…

Bazme_love4

हिज़ाब तेरे चेहरे पर आ मैं सजा दूँ बाग़ ए इरम की तुझे मैं हूर बना दूँ,  

मुमकिन ही न थी ख़ुद से शनासाई यहाँ तक…

ek raat lagti hai ek sahar banane me

मुमकिन ही न थी ख़ुद से शनासाई यहाँ तक ले आया मुझे मेरा तमाशाई यहाँ तक, रस्ता हो

वो एक लम्हा मुहब्बत भरा तेरे साथ…

wo ek lamha muhabbat bhara tere saath

वो एक लम्हा मुहब्बत भरा तेरे साथ ज़िन्दगी भर की ख़ुशियों पर भारी है, हम ही नहीं दिल

तेरी सूरत निगाहों में फिरती रहे

teri-surat-nigaho-me

तेरी सूरत निगाहों में फिरती रहे इश्क़ तेरा सताए तो मैं क्या करूँ ? कोई इतना तो आ