किसी दिन तो तू भी मुहब्बत हक़ीक़ी कर के देख

kisi-din-to-tu

किसी दिन तो तू भी मुहब्बत हक़ीक़ी कर के देख कैसे जीते है तेरे बगैर तू भी तो

ऐसे मौसम में भला कौन जुदा होता है

aise-mausam-me-bhala

ऐसे मौसम में भला कौन जुदा होता है जैसे मौसम में तू हर रोज़ खफ़ा होता है, रोज़

तेरे और मेरे बारे में जो मशहूर एक कहानी है

tere-aur-mere-baare

तेरे और मेरे बारे में जो मशहूर एक कहानी है वही कहानी अब ज़माने के ज़हन से मिटानी

शोर करूँगा और न कुछ भी बोलूँगा

shor-karunga-aur-na

शोर करूँगा और न कुछ भी बोलूँगा ख़ामोशी से अपना रोना रो लूँगा, सारी उम्र इसी ख्वाहिश में

दोस्त बन कर भी नहीं साथ निभाने वाला

dost-ban-kar-bhi

दोस्त बन कर भी नहीं साथ निभाने वाला वही अंदाज़ है ज़ालिम का ज़माने वाला, अब उसे लोग

कैसे कहे, क्या कहे इसी कशमकश में रह गए

kaise-kahe-kya-kahe

कैसे कहे, क्या कहे इसी कशमकश में रह गए हम अल्फाज़ ढूँढ़ते रहे, वो बात अपनी कह गए,

दुख फ़साना नहीं कि तुझ से कहें

dukh-fasana-nahi-ki

दुख फ़साना नहीं कि तुझ से कहें दिल भी माना नहीं कि तुझ से कहें, आज तक अपनी

क़ुबूल है अब तो ज़िन्दगी का हर तोहफ़ा

qubul-hai-ab-to

क़ुबूल है अब तो ज़िन्दगी का हर तोहफ़ा मैंने ख्वाहिशो का नाम बताना छोड़ दिया, जो दिल के

गम ए तन्हाई में राहत ए दिल का सबब है

gam-e-tanhai-me

गम ए तन्हाई में राहत ए दिल का सबब है एक ये चंचल सी हवा और अँधेरी रात,

ये एक बात समझने में रात हो गई है

ye-ek-baat-samjhne

ये एक बात समझने में रात हो गई है मैं उससे जीत गया हूँ कि मात हो गई