कभी कहा न किसी से तेरे फ़साने को

kabhi-kaha-na-kisi

कभी कहा न किसी से तेरे फ़साने को न जाने कैसे ख़बर हो गई ज़माने को, दुआ बहार

साथ चलते आ रहे हैं पास आ सकते नहीं

saath-chalte-aa-rahe

साथ चलते आ रहे हैं पास आ सकते नहीं एक नदी के दो किनारों को मिला सकते नहीं,

हुस्न ए मह गरचे बहंगाम ए कमाल अच्छा है

husn-e-mah-garche

हुस्न ए मह गरचे बहंगाम ए कमाल अच्छा है उससे मेरा मह ए ख़ुर्शीद जमाल अच्छा है, बोसा

गिले फ़ुज़ूल थे अहद ए वफ़ा के होते हुए

gile-fuzul-the-ahad

गिले फ़ुज़ूल थे अहद ए वफ़ा के होते हुए सो चुप रहा सितम ए नारवां के होते हुए,

किसी दरबार की आमीन भरी खल्वत में

kisi-darbar-ki-aamin

किसी दरबार की आमीन भरी खल्वत में ऐन मुमकिन है तुम्हे मेरा पता मिल जाए, ये भी हो

काश ! तुम मेरी होती तो क्या गज़ब ज़िन्दगी होती

kash-tum-meri-hoti

काश ! तुम मेरी होती तो क्या गज़ब ज़िन्दगी होती फिर ना ज़िन्दगी में हमारी कभी कोई कमी

तेरी यादें, तेरी बातें, तेरी ख़ामोशी, तेरा फ़िक्र

teri-yaaden-teri-baaten

तेरी यादें, तेरी बातें, तेरी ख़ामोशी, तेरा फ़िक्र तेरा ज़िक्र, अब सब कुछ आसान सा लगता है, तू

गम से वो मेरे आशना न हुआ कभी

gam-se-wo-mere

गम से वो मेरे आशना न हुआ कभी और दुःख मेरा मुझ से जुदा न हुआ कभी, ज़िन्दगी

अंज़ाम नहीं मिलता, उन्वान नहीं मिलता

anzam-nahi-milta-unwan

अंज़ाम नहीं मिलता, उन्वान नहीं मिलता कम इश्क़ के दरिया में तूफ़ान नहीं मिलता, रोते है लिपट के

मेरी एक छोटी सी कोशिश तुम्हे पाने के लिए

meri-ek-chhoti-si

मेरी एक छोटी सी कोशिश तुम्हे पाने के लिए बन गई है मसअला सारे ज़माने के लिए, रेत