बीच सफ़र में छोड़ गया हमसफ़र हमसफ़र ना रहा

bich-safar-me-chhod

बीच सफ़र में छोड़ गया हमसफ़र हमसफ़र ना रहा इतना दर्द दिया हमदर्द ने कि हमदर्द हमदर्द ना

अगर तू साथ चल पड़ता सफ़र आसान हो जाता

agar-tu-saath-chal

अगर तू साथ चल पड़ता सफ़र आसान हो जाता ख़ुशी से उम्र भर जीने का एक सामान हो

हिज्र की शब घड़ी घड़ी दिल से यही…

हिज्र की शब घड़ी

हिज्र की शब घड़ी घड़ी दिल से यही सवाल है जिसके ख़याल में हूँ गुम उसको भी कुछ

अब अपने दीदा ओ दिल का भी ए’तिबार नहीं

ab-apne-deeda-o

अब अपने दीदा ओ दिल का भी ए’तिबार नहीं उसी को प्यार किया जिस के दिल में प्यार

ये दिल आवेज़ी ए हयात न हो

ye dil avezi e hayat na ho

ये दिल आवेज़ी ए हयात न हो अगर आहंग ए हादसात न हो, तेरी नाराज़गी क़ुबूल मगर ये

आरज़ू को दिल ही दिल में घुट के रहना आ गया

aarzoo-ko-dil-hi

आरज़ू को दिल ही दिल में घुट के रहना आ गया और वो ये समझे कि मुझ को

जताए हक़ न कैसे हम भला इक़रार पे उनके

jataye-haq-na-kaise

जताए हक़ न कैसे हम भला इक़रार पे उनके हमें फिर भी नाज़ होता है हसीं इंकार पे

जिसने भी मुहब्बत का गीत गया है

jisne-bhi-muhabbat-ka

जिसने भी मुहब्बत का गीत गया है ज़िन्दगी का लुत्फ़ उसने ही उठाया है, मौसम गर्मी का हो

अब मुहब्बत का इरादा बदल जाना भी मुश्किल है

ab-muhabbat-ka-irada

अब मुहब्बत का इरादा बदल जाना भी मुश्किल है उन्हें खोना भी मुश्किल,उन्हें पाना भी मुश्किल है, ज़रा

गर्मी ए हसरत ए नाकाम से जल जाते हैं

garmi-e-hasrat-e

गर्मी ए हसरत ए नाकाम से जल जाते हैं हम चराग़ों की तरह शाम से जल जाते हैं,