उसे बेचैन कर जाऊँगा मैं भी…

use-bechain-kar-jaaoounga

उसे बेचैन कर जाऊँगा मैं भी ख़मोशी से गुज़र जाऊँगा मैं भी, मुझे छूने की ख़्वाहिश कौन करता

ख़्वाब का रिश्ता हक़ीक़त से न जोड़ा जाए

ख़्वाब का रिश्ता हक़ीक़त

ख़्वाब का रिश्ता हक़ीक़त से न जोड़ा जाए आईना है इसे पत्थर से न तोड़ा जाए, अब भी

मैं जब भी कोई अछूता कलाम लिखता हूँ

main-jab-bhi-koi-achhuta

मैं जब भी कोई अछूता कलाम लिखता हूँ तो पहले एक गज़ल तेरे नाम लिखता हूँ, बदन की

यूँ बे दर्द बन कर ना रहा कीजिए…

yun-bedard-ban-kar

यूँ बेदर्द बन कर ना रहा कीजिए मेरे मर्ज़ की भी तो कोई दवा कीजिए, आप मुहब्बत लिए

कुछ अधूरी हसरतें अश्क ए रवाँ में बह गए

kuch-adhuri-hasraten ashk

कुछ अधूरी हसरतें अश्क ए रवाँ में बह गए क्या कहें इस दिल की हालत, शिद्दत ए गम

तुम्हे पूजता था दीया वो बुझा दूँ

tumhe-pujta-tha-diya

तुम्हे पूजता था दीया वो बुझा दूँ तुम्हारे बिना भी दुनियाँ बसा दूँ, सुनो इश्क़ में अब यही

तुम्हारे हिज़्र में है ज़िन्दगी दुश्वार बरसो से

tumhare-hizr-me-hai

तुम्हारे हिज़्र में है ज़िन्दगी दुश्वार बरसो से तुम्हे मालूम क्या तुम हो समन्दर पार बरसों से, चले

राहत ए जाँ से तो ये दिल का वबाल अच्छा है

rahat-e-jaan-se

राहत ए जाँ से तो ये दिल का वबाल अच्छा है उस ने पूछा तो है इतना तेरा

तसव्वुर में भी जिसकी जुस्तुजू करता है दिल मेरा

tasavvur-me-bhi-jiski

तसव्वुर में भी जिसकी जुस्तुजू करता है दिल मेरा उसी से हिज्र में भी गुफ़्तुगू करता है दिल

हम प्यास के मारों का इस तरह गुज़ारा है

ham-pyas-ke-maaro-ka

हम प्यास के मारों का इस तरह गुज़ारा है आँखों में नदी लेकिन हाथो में किनारा है, दो