कितनी तरकीबें कीं बातिन के लिए

kitni tarkiben ki baatin ke

कितनी तरकीबें कीं बातिन के लिए नून साकिन मीम साकिन के लिए, मेरे अपने मुझ से जब बरहम

क्या ग़म के साथ हम जिएँ और क्या ख़ुशी के साथ

kya gam ke sah hum jiye

क्या ग़म के साथ हम जिएँ और क्या ख़ुशी के साथ जो दिल को दे सुकून गुज़र हो

ज़ख़्मों ने मुझ में दरवाज़े खोले हैं

zakhmon ne mujh me darwaze

ज़ख़्मों ने मुझ में दरवाज़े खोले हैं मैंने वक़्त से पहले टाँके खोले हैं, बाहर आने की भी

मैंने ये कब कहा है कि वो मुझ को तन्हा नहीं छोड़ता

maine ye kab kaha ki wo

मैंने ये कब कहा है कि वो मुझ को तन्हा नहीं छोड़ता छोड़ता है मगर एक दिन से

न नींद और न ख़्वाबों से आँख भरनी है

naa neend aur naa khwabon se

न नींद और न ख़्वाबों से आँख भरनी है कि उस से हम ने तुझे देखने की करनी

ज़िंदगी की यही कहानी है

zindagi ki yahi kahani

ज़िंदगी की यही कहानी है साँस आनी है और जानी है, तुम जो होते तो बात कुछ होती

हमें बर्बादियों पे मुस्कुराना ख़ूब आता है

hume barbadiyon pe muskurana

हमें बर्बादियों पे मुस्कुराना ख़ूब आता है अँधेरी रात में दीपक जलाना ख़ूब आता है, ग़लत फ़हमी तुम्हें

मुझे तलाश थी जिस की वही कभी न मिली

mujhe talash thi jis

मुझे तलाश थी जिस की वही कभी न मिली हर एक चीज़ मिली एक ज़िंदगी न मिली, तेरी

उफ़ुक़ अगरचे पिघलता दिखाई पड़ता है

ufooq agarche pighalta dikhaai

उफ़ुक़ अगरचे पिघलता दिखाई पड़ता है मुझे तो दूर सवेरा दिखाई पड़ता है, हमारे शहर में बे चेहरा

समंद ए शौक़ पे ख़त उस का ताज़ियाना हुआ

samand e shauq pe

समंद ए शौक़ पे ख़त उस का ताज़ियाना हुआ मिले हुए भी तो उस से हमें ज़माना हुआ,