लोग कहते थे वो मौसम ही नहीं आने का…
लोग कहते थे वो मौसम ही नहीं आने का अब के देखा तो नया रंग है वीराने का,
Life Status
लोग कहते थे वो मौसम ही नहीं आने का अब के देखा तो नया रंग है वीराने का,
किसी से क्या कहे सुने अगर गुबार हो गए हम ही हवा की ज़द में थे हम ही
अब वो झोंके कहाँ सबा जैसे आग है शहर की हवा जैसे, शब सुलगती है दोपहर की तरह
दोस्ती को आम करना चाहता है ख़ुद को नीलाम करना चाहता है, बेंच आया है घटा के हाथ
हम एक ख़ुदा के बन्दे है और एक जहाँ में बसते है, रब भी जब चाहे हम साथ
आज के माहौल में इंसानियत बदनाम है ये इनाद ए बाहमी का ही फ़क़त अंजाम है, हक़ शनासी
ज़िंदगी ये तो नहीं तुझ को सँवारा ही न हो कुछ न कुछ हम ने तेरा क़र्ज़ उतारा
बूढ़ा टपरा, टूटा छप्पर और उस पर बरसातें सच उसने कैसे काटी होंगी, लंबी लंबी रातें सच, लफ़्जों
ले गया दिल में दबा कर राज़ कोई पानियों पे लिख गया आवाज़ कोई, बाँध कर मेरे परो
हिज़रतो का ज़माना भी क्या ज़माना है उन्ही से दूर है जिनके लिए कमाना है, ख़ुशी ये है