ज़िन्दगी से एक दिन मौसम खफ़ा हो जाएँगे…

zindagi se ek din mausam khafa ho jayenge

ज़िन्दगी से एक दिन मौसम खफ़ा हो जाएँगे रंग ए गुल और बू ए गुल दोनों हवा हो

कभी बहार का मौसम नया दिखाई दे…

kabhi bahar ka mausam naya dikhai de

कभी बहार का मौसम नया दिखाई दे गुलाब बातें करें और सबा दिखाई दे, शब ए जुनूँ है

ज़िंदगी दर्द की कहानी है चश्म ए अंजुम में भी तो पानी है…

zindagi dard ki kahani hai

ज़िंदगी दर्द की कहानी है चश्म ए अंजुम में भी तो पानी है, बेनियाज़ाना सुन लिया ग़म ए

अभी कुछ और करिश्मे ग़ज़ल के देखते हैं…

abhi kuch aur karishme gazal ke dekhte hai

अभी कुछ और करिश्मे ग़ज़ल के देखते हैं ‘फ़राज़’ अब ज़रा लहजा बदल के देखते हैं, जुदाइयाँ तो

कभी किसी को मुकम्मल जहाँ नहीं मिलता…

kabhi kisi ko muqammal jahan nahi milta

कभी किसी को मुकम्मल जहाँ नहीं मिलता कहीं ज़मीन कहीं आसमाँ नहीं मिलता, तमाम शहर में ऐसा नहीं

ज़रा सी देर थी बस एक दिया जलाना था…

sitam sitam na raha jab sanam sanam na raha

ज़रा सी देर थी बस एक दिया जलाना था और इसके बाद फ़क़त आँधियों को आना था, मैं

डूब कर भी न पड़ा फ़र्क़ गिराँ जानी में…

doob kar bhi naa pada farq gira jaani me

डूब कर भी न पड़ा फ़र्क़ गिराँ जानी में मैं हूँ पत्थर की तरह बहते हुए पानी में,

दी है वहशत तो ये वहशत ही मुसलसल हो जाए…

dee hai wahshat to ye wahshat hi musalsal ho jaaye

दी है वहशत तो ये वहशत ही मुसलसल हो जाए रक़्स करते हुए अतराफ़ में जंगल हो जाए,

गर्म रफ़्तार है तेरी ये पता देते हैं…

garm raftar hai teri ye pata dete hai

गर्म रफ़्तार है तेरी ये पता देते हैं दम बदम लौ तेरे नक़्श ए कफ़ ए पा देते

कोई नई चोट फिर से खाओ ! उदास लोगो…

koi nayi chot fir se khaao udas logo

कोई नई चोट फिर से खाओ ! उदास लोगो कहा था किसने कि मुस्कुराओ ! उदास लोगो, गुज़र