ग़मों का सैलाब आया ज़रूर है

gamo-ka-sailab-aya

ग़मों का सैलाब आया ज़रूर है कुछ खोया तो कुछ पाया ज़रूर है, एक तुम हो जो दर्द

जो नेकी कर के फिर दरिया में उसको डाल जाता है

jo-neqi-kar-ke

जो नेकी कर के फिर दरिया में उसको डाल जाता है वो जब भी दुनिया से जाता है

कुछ परिंदों को तो बस दो चार दाने चाहिए

kuch-parindo-ko-to

कुछ परिंदों को तो बस दो चार दाने चाहिए कुछ को लेकिन आसमानों के खज़ाने चाहिए, दोस्तों का

लेता हूँ उस का नाम भी आह ओ बुका के साथ

leta-hoon-uska naam

लेता हूँ उस का नाम भी आह ओ बुका के साथ कितना हसीन रिश्ता है मेरा ख़ुदा के

मेरे दिन की तरह रौशन मेरी हर…

mere-din-ki-tarah

मेरे दिन की तरह रौशन मेरी हर रात होती है दुआ माँ की हर एक मौसम में मेरे

आख़िर वो मेरे क़द की भी हद से गुज़र गया

aakhir-wo-mere-qad

आख़िर वो मेरे क़द की भी हद से गुज़र गया कल शाम में तो अपने ही साये से

इस दिल में आह, आँखों में नाले है

is-dil-me-aah

इस दिल में आह, आँखों में नाले है हमें न सताओ हम तुम्हारे चाहने वाले है, मुहब्बत भरे

चलो अब यूँ भी आज़माए कभी

chalo-ab-yun-bhi

चलो अब यूँ भी आज़माए कभी तुम कह दो तो भूल जाए कभी, ज़िस्म मुर्दा हुआ तो ये

आहिस्ता चल ऐ ज़िन्दगी

aahista-chal-ae-zindagi

आहिस्ता चल ऐ ज़िन्दगी अभी कई क़र्ज़ चुकाना बाक़ी है, कुछ दर्द मिटाना बाक़ी है कुछ फर्ज़ निभाना

अजीब सानेहा मुझ पर गुज़र गया यारो

azib-saneha-mujh-par

अजीब सानेहा मुझ पर गुज़र गया यारो मैं अपने साए से कल रात डर गया यारो, हर एक