वो हम से दूर होते जा रहे हैं

wo hum se door hote jaa rahe hai

वो हम से दूर होते जा रहे हैं बहुत मग़रूर होते जा रहे हैं, बस एक तर्क ए

मेरी ज़िंदगी है ज़ालिम तेरे ग़म से आश्कारा

meri zindagi hai zalim tere gam se ashkaara

मेरी ज़िंदगी है ज़ालिम तेरे ग़म से आश्कारा तेरा ग़म है दर हक़ीक़त मुझे ज़िंदगी से प्यारा, वो

कोई आरज़ू नहीं है कोई मुद्दआ नहीं है

koi aarzoo nahin hai koi muddaa nahi hai

कोई आरज़ू नहीं है कोई मुद्दआ नहीं है तेरा ग़म रहे सलामत मेरे दिल में क्या नहीं है

ग़म ए इश्क़ रह गया है ग़म ए जुस्तुजू में ढल कर

gam e ishq rah gaya hai gam e justazoo me dhal kar

ग़म ए इश्क़ रह गया है ग़म ए जुस्तुजू में ढल कर वो नज़र से छुप गए हैं

मेरी ज़िंदगी पे न मुस्कुरा मुझे ज़िंदगी का अलम नहीं

meri zindagi pe na muskura mujhe zindagi ka alam nahin

मेरी ज़िंदगी पे न मुस्कुरा मुझे ज़िंदगी का अलम नहीं जिसे तेरे ग़म से हो वास्ता वो ख़िज़ाँ

रहा गर्दिशों में हरदम मेरे इश्क़ का सितारा

raha gardisho me hardam mere ishq ka sitaara

रहा गर्दिशों में हरदम मेरे इश्क़ का सितारा कभी डगमगाई कश्ती कभी खो गया किनारा, कोई दिल के

अब तो ख़ुशी का ग़म है न ग़म की ख़ुशी मुझे

ab to khushi ka gam hai na gam ki khushi

अब तो ख़ुशी का ग़म है न ग़म की ख़ुशी मुझे बेहिस बना चुकी है बहुत ज़िंदगी मुझे,

कुछ भी उन पर असर नहीं देखा

kuch bhi un par asar nahi dekha

कुछ भी उन पर असर नहीं देखा इश्क़ सा बे हुनर नहीं देखा, उन के जोबन को देख

हमें दावा था देखेंगे वो क्यूँकर याद आते हैं

hume daawa tha dekhenge kyunkar yaad aate hain

हमें दावा था देखेंगे वो क्यूँकर याद आते हैं रग ए जाँ बन गए हैं अब फ़ुज़ूँ तर

ये बात उन की तबीअत पे बार गुज़री है

ye baat un ki tabiyat pe baar guzri hai

ये बात उन की तबीअत पे बार गुज़री है कि ज़िंदगी मेरी क्यों ख़ुशगवार गुज़री है ? ख़ुशी