घर की क़िस्मत जगी घर में आए सजन

ghar ki qismat jagi ghar me aaye sajan

घर की क़िस्मत जगी घर में आए सजन ऐसे महके बदन जैसे चंदन का बन आज धरती पे

घुट गया अँधेरे का आज दम अकेले में

ghut gaya andhere ka aaj dam akele me

घुट गया अँधेरे का आज दम अकेले में हर नज़र टहलती है रौशनी के मेले में आज ढूँढने

राम के हिज्र में इक रोज़ भरत ने ये कहा

ram ke hizr me ek roz bharat ne ye kaha

राम के हिज्र में इक रोज़ भरत ने ये कहा क़ल्ब-ए-मुज़्तर को शब-ओ-रोज़ नहीं चैन ज़रा दिल में

इक प्रेम पुजारी आया है चरनों में ध्यान लगाने को

ek prem pujari aaya hai charano me dhyan lagaane ko

इक प्रेम पुजारी आया है चरनों में ध्यान लगाने को भगवान तुम्हारी मूरत पर श्रधा के फूल चढ़ाने

स्वराज का झंडा भारत में गड़वा दिया गाँधी बाबा ने

swaraj ka jhanda bharat me gadwa diya gandhi baba ne

स्वराज का झंडा भारत में गड़वा दिया गाँधी बाबा ने दिल क़ौम-ओ-वतन के दुश्मन का दहला दिया गाँधी

दोस्तो क्या क्या दिवाली में नशात ओ ऐश है

doston kya kya deewali me nashaat o aish hai

दोस्तो क्या क्या दिवाली में नशात ओ ऐश है सब मुहय्या है जो इस हंगाम के शायाँ है

हर एक मकाँ में जला फिर दिया दिवाली का

har ek makaan me jala fir diya deewali ka

हर एक मकाँ में जला फिर दिया दिवाली का हर एक तरफ़ को उजाला हुआ दिवाली का, सभी

मेरी साँसों को गीत और आत्मा को साज़ देती है

meri saanso ko geet aur aatma ko saaz deti hai

मेरी साँसों को गीत और आत्मा को साज़ देती है ये दीवाली है सब को जीने का अंदाज़

रहोगे हम से कब तक बेख़बर से

rahoge ham se kab tak bekhabar se

रहोगे हम से कब तक बेख़बर से जुदा होती नहीं दीवार दर से, मुसाफ़िर हाल क्या अपना सुनाए

तस्कीन न हो जिस में वो राज़ बदल डालो

taskeen na ho jis me wo raaz badal daalo

तस्कीन न हो जिस में वो राज़ बदल डालो जो राज़ न रख पाए हमराज़ बदल डालो, तुम