ये ग़म क्या दिल की आदत है नहीं तो

ye gam kya dil ki adat hai nahi to

ये ग़म क्या दिल की आदत है नहीं तो किसी से कुछ शिकायत है नहीं तो, किसी के

अपने सब यार काम कर रहे हैं

apne sab yaar kaam kar rahe hain

अपने सब यार काम कर रहे हैं और हम हैं कि नाम कर रहे हैं, तेग़बाज़ी का शौक़

शर्मिंदगी है हम को बहुत हम मिले तुम्हें

sharmindagi hai hum ko bahut hum mile tumhen

शर्मिंदगी है हम को बहुत हम मिले तुम्हें तुम सर ब सर ख़ुशी थे मगर ग़म मिले तुम्हें,

अभी एक शोर सा उठा है कहीं

abhi ek shor saa utha hai kahin

अभी एक शोर सा उठा है कहीं कोई ख़ामोश हो गया है कहीं, है कुछ ऐसा कि जैसे

एक ही मुज़्दा सुब्ह लाती है

ek hi muzda subah laati hai

एक ही मुज़्दा सुब्ह लाती है धूप आँगन में फैल जाती है, रंग ए मौसम है और बाद

क्या दौर था फ़ुर्सतों में बस यही काम होना

kya daur tha fursaton me bas yahi kaam hona

क्या दौर था फ़ुर्सतों में बस यही काम होना आँखों में सूरत तेरी होंठों पर तेरा नाम होना,

चूर था ज़ख़्मों से दिल ज़ख़्मी जिगर भी हो गया

choor tha zakhmon se dil zakhmi jigar bhi ho gaya

चूर था ज़ख़्मों से दिल ज़ख़्मी जिगर भी हो गया उस को रोते थे कि सूना ये नगर

कौन बताए कौन सुझाए कौन से देस सिधार गए

kaun bataye kaun sujhaye kaun se des sidhar gaye

कौन बताए कौन सुझाए कौन से देस सिधार गए उन का रस्ता तकते तकते नैन हमारे हार गए,

न डगमगाए कभी हम वफ़ा के रस्ते में

na dagmagaye kabhi hum wafa ke raste me

न डगमगाए कभी हम वफ़ा के रस्ते में चराग़ हम ने जलाए हवा के रस्ते में, किसे लगाए

ज़र्रे ही सही कोह से टकरा तो गए हम

zarre hi sahi koh se takra to gaye hum

ज़र्रे ही सही कोह से टकरा तो गए हम दिल ले के सर ए अर्सा ए ग़म आ