सभी ये पूछते रहते हैं क्या गुम हो गया है

sabhi ye puchte rahte hain kya gum ho gaya hai

सभी ये पूछते रहते हैं क्या गुम हो गया है बता दूँ? मुझ से ख़ुद अपना पता गुम

हमें नहीं आते ये कर्तब नए ज़माने वाले

humen nahi aate ye kartab naye zamane wale

हमें नहीं आते ये कर्तब नए ज़माने वाले हम तो सीधे लोग हैं यारो वही पुराने वाले, उन

मोहब्बत की रंगीनियाँ छोड़ आए

mohabbat ki ranginiya chhod aaye

मोहब्बत की रंगीनियाँ छोड़ आए तेरे शहर में एक जहाँ छोड़ आए, पहाड़ों की वो मस्त शादाब वादी

चलो तुम को मिलाता हूँ मैं उस मेहमान से पहले

chalo tum ko milata hoon main us mehman se pahle

चलो तुम को मिलाता हूँ मैं उस मेहमान से पहले जो मेरे जिस्म में रहता था मेरी जान

अपनी ख़बर, न उस का पता है, ये इश्क़ है

apni khabar na us ka pata hai ye ishq hai

अपनी ख़बर, न उस का पता है, ये इश्क़ है जो था, नहीं है, और न था, है,

क्या बताऊँ कि जो हंगामा बपा है मुझ में

kya bataoon ki jo hungama bapa hai mujh me

क्या बताऊँ कि जो हंगामा बपा है मुझ में इन दिनों कोई बहुत सख़्त ख़फ़ा है मुझ में,

कोई मिला तो किसी और की कमी हुई है

koi mila to kisi aur ki kami hui hai

कोई मिला तो किसी और की कमी हुई है सो दिल ने बे तलबी इख़्तियार की हुई है,

कितना सुकूत है रसन ओ दार की तरफ़

kitna sukut hai rasan o daar ki taraf

कितना सुकूत है रसन ओ दार की तरफ़ आता है कौन जुरअत ए इज़हार की तरफ़, दश्त ए

मावरा ए जहाँ से आए हैं

maavra e jahan se aaye hain

मावरा ए जहाँ से आए हैं आज हम ख़ुमसिताँ से आए हैं, इस क़दर बे-रुख़ी से बात न

ग़ज़लें तो कही हैं कुछ हम ने

gazalen to kahi hain kuch hum ne un se

ग़ज़लें तो कही हैं कुछ हम ने उन से न कहा अहवाल तो क्या ? कल मिस्ल ए