जाते जाते वो हमको रुला कर चला गया…
जाते जाते वो हमको रुला कर चला गयागम की आँधी से सामना कर कर चला गया, वो हमेशा
Hindi Shayari
जाते जाते वो हमको रुला कर चला गयागम की आँधी से सामना कर कर चला गया, वो हमेशा
कोई सिपाही नहीं बच सका निशानों सेगली में तीर बरसते रहे मकानों से, ये बर्बादी अचानक से थोड़ी
उल्फ़त की नज़र से हमें एक बार तो देखोकरते है क्या क्या तुम पे निसार तो देखो, जज़्बे
जान ओ दिल हम उन्ही पे निसार करते हैहाँ है इक़रार सिर्फ उन्हें ही प्यार करते है, बंद
भाइयो में फ़साद क्या करूँ मैंबाप की ज़ायदाद क्या करूँ मैं, जिन में चुप रहने की नसीहत होऐसे
मेरे दिल में मुहब्बत ज़रा देखिएचश्म ए पुरनम से मेरी वफ़ा देखिए, छोड़ जाएँगे मुझको ये एहसास हैजाते
जाने कितने रकीब रहते हैज़िन्दगी के क़रीब रहते है, मेरी सोचो के आस्तां से परेमेरे अपने हबीब रहते
ग़ज़ल की शक्ल में एक बात है सुनाने कीएक उसका नाम है वजह मुस्कुराने की, इस तरह राब्ता
भूल पाते हम नहीं गुज़रा ज़माना चाहकर भीया खुदा नहीं ऐसे किसी को तड़पाना चाहिए, संगदिलो में भी
मुझे अपनों में उलझन ही रही हैरहा हूँ दुश्मनों में ख़ुश हमेशा, है इनकी इस अदा पे जान