चलो अब यूँ भी आज़माए कभी

chalo-ab-yun-bhi

चलो अब यूँ भी आज़माए कभी तुम कह दो तो भूल जाए कभी, ज़िस्म मुर्दा हुआ तो ये

इंसान में हैवान यहाँ भी है वहाँ भी

insan-me-haiwan-yahan

इंसान में हैवान यहाँ भी है वहाँ भी अल्लाह निगहबान यहाँ भी है वहाँ भी, ख़ूँख़्वार दरिंदों के

अजीब सानेहा मुझ पर गुज़र गया यारो

azib-saneha-mujh-par

अजीब सानेहा मुझ पर गुज़र गया यारो मैं अपने साए से कल रात डर गया यारो, हर एक

बीच सफ़र में छोड़ गया हमसफ़र हमसफ़र ना रहा

bich-safar-me-chhod

बीच सफ़र में छोड़ गया हमसफ़र हमसफ़र ना रहा इतना दर्द दिया हमदर्द ने कि हमदर्द हमदर्द ना

अगर तू साथ चल पड़ता सफ़र आसान हो जाता

agar-tu-saath-chal

अगर तू साथ चल पड़ता सफ़र आसान हो जाता ख़ुशी से उम्र भर जीने का एक सामान हो

ज़नाब शेख़ की हर्ज़ा सराई ज़ारी है

janab-shekh-ki-harza

ज़नाब शेख़ की हर्ज़ा सराई ज़ारी है इधर से ज़ुल्म उधर से दुहाई ज़ारी है, बिछड़ गया हूँ

हिज्र की शब घड़ी घड़ी दिल से यही…

हिज्र की शब घड़ी

हिज्र की शब घड़ी घड़ी दिल से यही सवाल है जिसके ख़याल में हूँ गुम उसको भी कुछ

ऐ लिखने वाले आख़िर तू ही क्यूँ लिखता है ?

ae-likhne-wale-aakhir

ऐ लिखने वाले आख़िर तू ही क्यूँ लिखता है ? है ये दर्द सबको फिर तुझे ही क्यूँ

अब अपने दीदा ओ दिल का भी ए’तिबार नहीं

ab-apne-deeda-o

अब अपने दीदा ओ दिल का भी ए’तिबार नहीं उसी को प्यार किया जिस के दिल में प्यार

ये दिल आवेज़ी ए हयात न हो

ye dil avezi e hayat na ho

ये दिल आवेज़ी ए हयात न हो अगर आहंग ए हादसात न हो, तेरी नाराज़गी क़ुबूल मगर ये