ढूँढ़ते क्या हो इन आँखों में कहानी मेरी

dhoondhte kya ho in aankhon me kahani meri

ढूँढ़ते क्या हो इन आँखों में कहानी मेरी ख़ुद में गुम रहना तो आदत है पुरानी मेरी, भीड़

भूख के एहसास को शेर ओ सुख़न…

bhookh ke ehsas ko sher o sukhan tak le chalo

भूख के एहसास को शेर ओ सुख़न तक ले चलो या अदब को मुफ़लिसों की अंजुमन तक ले

आप कहते हैं सरापा गुलमुहर है जिंदगी

aap kahte hai saraapa gulmuhar hai zindagi

आप कहते हैं सरापा गुलमुहर है जिंदगी हम ग़रीबों की नज़र में क़हर है जिंदगी, भुखमरी की धूप

हर शख्स को अल्लाह की रहमत नहीं…

har shakhs ko allah ki rahmat nahi milti

हर शख्स को अल्लाह की रहमत नहीं मिलती हाँ रिज्क तो मिल जाता है बरक़त नहीं मिलती, किस

वो जिसके हाथ में छाले हैं पैरों में बिवाई…

wo jiske hath me chhale hai pairo me bivaai hai

वो जिसके हाथ में छाले हैं पैरों में बिवाई है उसी के दम से रौनक आपके बंगले में

न महलों की बुलंदी से न लफ़्ज़ों के…

naa mahlon ki bulandi se naa lafzo ke nagine se

न महलों की बुलंदी से न लफ़्ज़ों के नगीने से तमद्दुन में निखार आता है घीसू के पसीने

बज़ाहिर प्यार की दुनियाँ में जो नाकाम…

bazaahir pyar ki duniyan me jo naqam hota hai

बज़ाहिर प्यार की दुनियाँ में जो नाकाम होता है कोई रूसो कोई हिटलर कोई खय्याम होता है, ज़हर

मुझे हयात के साँचों में ढालने वाले…

mujhe hayat ke saanche me dhalne wale

मुझे हयात के साँचों में ढालने वाले कहाँ गए वो समुंदर खंगालने वाले, लुढ़क रहा हूँ ढलानों से

सितमगरों के सितम की उड़ान कुछ…

sitamgaro ke sitam ki udaan kuch kam hai

सितमगरों के सितम की उड़ान कुछ कम है अभी ज़मीं के लिए आसमान कुछ कम है, जो इस

कोई बचने का नहीं सब का पता जानती है

koi bachne ka nahi sab ka pata janti hai

कोई बचने का नहीं सब का पता जानती है किस तरफ़ आग लगाना है हवा जानती है, उजले