कोई दुश्मन भला भाता किसे है

koi dushman bhala bhaata

कोई दुश्मन भला भाता किसे है बनाना दोस्त भी आता किसे है फ़ना हो कर बक़ा पाता है

हम तो शायद यहाँ के थे ही नहीं

ham to shayad yahan ke

हम तो शायद यहाँ के थे ही नहीं इस ज़मीं आसमाँ के थे ही नहीं, तन्हा तन्हा ही

अपना ख़ुर्शीद और अपना ही क़मर पैदा कर

apna khurshid aur apna

अपना ख़ुर्शीद और अपना ही क़मर पैदा कर तू मोहब्बत का शजर है तो समर पैदा कर, हर

बदहवासी बदगुमानी बेनियाज़ी आप की

badhawasi badgumani beniyazi aap

बदहवासी बदगुमानी बेनियाज़ी आप की मुश्किलों में डाल देगी ज़िंदगानी आप की, देख कर हैरत है सब को

चर्चा है आज बस यही हर एक ज़बान पर

charcha hai aaj bas

चर्चा है आज बस यही हर एक ज़बान पर जल्दी बनेगी फ़िल्म मेंरी दास्तान पर, मैंने जमा के

दीदार माहताब का शब भर नहीं हुआ

deedar mahtab ka shab

दीदार माहताब का शब भर नहीं हुआ रौशन मेंरे नसीब का अख़्तर नहीं हुआ, हर दम वही हुआ

हिज्र की धूप में छाओं जैसी बातें करते हैं

hizr ki dhoop me

हिज्र की धूप में छाओं जैसी बातें करते हैं आँसू भी तो माओं जैसी बातें करते हैं, रस्ता

हर सू जहाँ में शाम ओ सहर ढूँढते हैं हम

har soo jahan me

हर सू जहाँ में शाम ओ सहर ढूँढते हैं हम जो दिल में घर करे वो नज़र ढूँढते

चराग़ ख़ुद ही बुझाया बुझा के छोड़ दिया

charag khud hi bujhaya

चराग़ ख़ुद ही बुझाया बुझा के छोड़ दिया वो ग़ैर था उसे अपना बना के छोड़ दिया, हज़ार

कुटिया में कौन आएगा इस तीरगी के साथ

kutiya me kaun ayega

कुटिया में कौन आएगा इस तीरगी के साथ अब ये किवाड़ बंद करो ख़ामोशी के साथ, साया है