आओ मनाएँ हम सब मिल कर अब जश्न ए आज़ादी
आओ मनाएँ हम सब मिल कर अब जश्न ए आज़ादी देस का झंडा ऊँचा रखे हाथ बनें फ़ौलादी,
Ghazals
आओ मनाएँ हम सब मिल कर अब जश्न ए आज़ादी देस का झंडा ऊँचा रखे हाथ बनें फ़ौलादी,
अहिंसा की शमशीर चमकी इसी दिन ग़ुलामी की ज़ंजीर टूटी इसी दिन, गुलिस्ताँ की तक़दीर बदली इसी दिन
फ़र्द फ़र्द मस्त है, आज पंद्रह अगस्त है जोश है उबाल है, रंग है गुलाल है, गली गली
हिन्द का आज़ाद हो जाना कोई आसाँ नहीं देखना तुम को अभी क्या क्या दिखाया जाएगा, देखना तुम
भारत के ऐ सपूतो हिम्मत दिखाए जाओ दुनिया के दिल पे अपना सिक्का बिठाए जाओ, मुर्दादिली का झंडा
हम भारत के रखवाले हैं सब इस के बच्चे बाले हैं, कैसे ये बिहारी कश्मीरी और क्या हैं
भारत प्यारा देश हमारा सब देशों से न्यारा है हर रुत हर एक मौसम इसका कैसा प्यारा प्यारा
जिस का है सब को ज्ञान यही है सारे जहाँ की जान यही है जिस से है अपनी
रंग ओ बू के जहाँ के थे ही नहीं इस ज़मीं आसमाँ के थे ही नहीं, राह ओ
दुश्मनों से रह ख़फ़ा एक हद तलक दोस्तों से भी निभा एक हद तलक, हम निवाला हम पियाला