मुझे रंज होगा न मौत का अगर ऐसी मौत नसीब हो

mujhe ranj hoga na

मुझे रंज होगा न मौत का अगर ऐसी मौत नसीब हो मेरा दम जो निकले तो ऐ ख़ुदा

आग भी दिल में लगी है और अश्क ए ग़म भी है

aag bhi dil me

आग भी दिल में लगी है और अश्क ए ग़म भी है इश्क़ कहते हैं जिसे शोला भी

यार के सामने अग़्यार बुरे लगते हैं

yaar ke saamne agyaar

यार के सामने अग़्यार बुरे लगते हैं फूल होता है जहाँ ख़ार बुरे लगते हैं रात के फूल

आएगा कोई चल के ख़िज़ाँ से बहार में

aayega koi chal ke

आएगा कोई चल के ख़िज़ाँ से बहार में सदियाँ गुज़र गई हैं इसी इंतिज़ार में, छिड़ते ही साज़

नील गगन में तैर रहा है उजला उजला पूरा चाँद

neel gagan me tair

नील गगन में तैर रहा है उजला उजला पूरा चाँद माँ की लोरी सा बच्चे के दूध कटोरे

यूँ लग रहा है जैसे कोई आस पास है

yun lag raha hai

यूँ लग रहा है जैसे कोई आस पास है वो कौन है जो है भी नहीं और उदास

सफ़र को जब भी किसी दास्तान में रखना

safar ko jab bhi

सफ़र को जब भी किसी दास्तान में रखना क़दम यक़ीन में मंज़िल गुमान में रखना, जो साथ है

अच्छी नहीं ये ख़ामुशी शिकवा करो गिला करो

achchi nahin ye khamushi

अच्छी नहीं ये ख़ामुशी शिकवा करो गिला करो यूँ भी न कर सको तो फिर घर में ख़ुदा

उस को खो देने का एहसास तो कम बाक़ी है

us ko kho dene

उस को खो देने का एहसास तो कम बाक़ी है जो हुआ वो न हुआ होता ये ग़म

मैं अपने इख़्तियार में हूँ भी नहीं भी हूँ

main apne ikhtiyar me

मैं अपने इख़्तियार में हूँ भी नहीं भी हूँ दुनिया के कारोबार में हूँ भी नहीं भी हूँ,