तूने क्या क़िंदील जला दी शहज़ादी

tune kya kindil jala dee

तूने क्या क़िंदील जला दी शहज़ादी सुर्ख़ हुई जाती है वादी शहज़ादी, शीश-महल को साफ़ किया तेरे कहने

ज़िंदगी की यही कहानी है

zindagi ki yahi kahani

ज़िंदगी की यही कहानी है साँस आनी है और जानी है, तुम जो होते तो बात कुछ होती

ये मोहब्बत जो मोहब्बत से कमाई हुई है

ye mohabbat jo mohabbat

ये मोहब्बत जो मोहब्बत से कमाई हुई है आग सीने में उसी ने तो लगाई हुई है, एक

हमें बर्बादियों पे मुस्कुराना ख़ूब आता है

hume barbadiyon pe muskurana

हमें बर्बादियों पे मुस्कुराना ख़ूब आता है अँधेरी रात में दीपक जलाना ख़ूब आता है, ग़लत फ़हमी तुम्हें

मुझे तलाश थी जिस की वही कभी न मिली

mujhe talash thi jis

मुझे तलाश थी जिस की वही कभी न मिली हर एक चीज़ मिली एक ज़िंदगी न मिली, तेरी

जले चराग़ बुझाने की ज़िद नहीं करते

jale chirag bujhaane ki

जले चराग़ बुझाने की ज़िद नहीं करते अब आ गए हो तो जाने की ज़िद नहीं करते, किसी

उफ़ुक़ अगरचे पिघलता दिखाई पड़ता है

ufooq agarche pighalta dikhaai

उफ़ुक़ अगरचे पिघलता दिखाई पड़ता है मुझे तो दूर सवेरा दिखाई पड़ता है, हमारे शहर में बे चेहरा

जिस्म की हर बात है आवारगी ये मत कहो

jism ki har baat hai

जिस्म की हर बात है आवारगी ये मत कहो हम भी कर सकते हैं ऐसी शायरी ये मत

परेशाँ रात सारी है सितारो तुम तो सो जाओ

pareshaan raat saari hai

परेशाँ रात सारी है सितारो तुम तो सो जाओ सुकूत ए मर्ग तारी है सितारो तुम तो सो

तुम्हें जब कभी मिलें फ़ुर्सतें मेरे दिल से बोझ उतार दो

tumhen jab kabhi milen

तुम्हें जब कभी मिलें फ़ुर्सतें मेरे दिल से बोझ उतार दो मैं बहुत दिनों से उदास हूँ मुझे