किसी भी शय पे आ जाने में कितनी देर लगती है

kisi bhi shay pe aa jaane me

किसी भी शय पे आ जाने में कितनी देर लगती है मगर फिर दिल को समझाने में कितनी

है बहुत मूड में इस वक़्त दिल ए ज़ार चलो

hai bahut mood me

है बहुत मूड में इस वक़्त दिल ए ज़ार चलो तुम मेरे साथ चलो और लगातार चलो, भाड़

पहली बार आई दुल्हन ससुराल वो भी बेनक़ाब

pahli baar aayi dulhan

पहली बार आई दुल्हन ससुराल वो भी बेनक़ाब शर्म आँखों से झलकती है न है चेहरे पे आब,

एक बीवी कई साले हैं ख़ुदा ख़ैर करे

ek bibi kai saale hai khuda khair kare

एक बीवी कई साले हैं ख़ुदा ख़ैर करे खाल सब खींचने वाले हैं ख़ुदा ख़ैर करे, तन के

चौथी शादी कर के मुल्ला जी बहुत शादाँ हुए

chauthi shaadi kar ke mulla ji

चौथी शादी कर के मुल्ला जी बहुत शादाँ हुए अपनी क़िस्मत की बुलंदी देख कर नाज़ाँ हुए, यूँ

जैसा हूँ स्वीकार तुम्हीं तो करती हो

jaisa hoon sweekaar tumhin to

जैसा हूँ स्वीकार तुम्हीं तो करती हो बिना शर्त के प्यार तुम्हीं तो करती हो, अपनी दिलकश अदा

ज़ख़्मों ने मुझ में दरवाज़े खोले हैं

zakhmon ne mujh me darwaze

ज़ख़्मों ने मुझ में दरवाज़े खोले हैं मैंने वक़्त से पहले टाँके खोले हैं, बाहर आने की भी

वैसे मैंने दुनिया में क्या देखा है

waise maine duniya me kya

वैसे मैंने दुनिया में क्या देखा है तुम कहते हो तो फिर अच्छा देखा है, मैं उस को

मैंने ये कब कहा है कि वो मुझ को तन्हा नहीं छोड़ता

maine ye kab kaha ki wo

मैंने ये कब कहा है कि वो मुझ को तन्हा नहीं छोड़ता छोड़ता है मगर एक दिन से

न नींद और न ख़्वाबों से आँख भरनी है

naa neend aur naa khwabon se

न नींद और न ख़्वाबों से आँख भरनी है कि उस से हम ने तुझे देखने की करनी