फिर रफ़ूगर ने भी ये कह के मुझे मोड़ दिया

fir rafoogar ne bhi ye kah ke

फिर रफ़ूगर ने भी ये कह के मुझे मोड़ दिया जा यहाँ पर तो कोई ज़ख़्म नहीं सिलते

किसी से ख़ुश है किसी से ख़फ़ा ख़फ़ा सा है

kisi se khush hai kisi se khafa

किसी से ख़ुश है किसी से ख़फ़ा ख़फ़ा सा है वो शहर में अभी शायद नया नया सा

जहाँ न तेरी महक हो उधर न जाऊँ मैं

jahan na teri mahak ho udhar na

जहाँ न तेरी महक हो उधर न जाऊँ मैं मेरी सरिश्त सफ़र है गुज़र न जाऊँ मैं, मेरे

राक्षस था न ख़ुदा था पहले

rakshas tha na khuda tha pahle

राक्षस था न ख़ुदा था पहले आदमी कितना बड़ा था पहले, आसमाँ खेत समुंदर सब लाल ख़ून काग़ज़

तेरा सच है तेरे अज़ाबों में

tera sach hai tere azaabon me

तेरा सच है तेरे अज़ाबों में झूठ लिखा है सब किताबों में, एक से मिल के सब से

कच्चे बख़िये की तरह रिश्ते उधड़ जाते हैं

kachche bakhiye ki tarah rishte

कच्चे बख़िये की तरह रिश्ते उधड़ जाते हैं लोग मिलते हैं मगर मिल के बिछड़ जाते हैं, यूँ

कितनी तरकीबें कीं बातिन के लिए

kitni tarkiben ki baatin ke

कितनी तरकीबें कीं बातिन के लिए नून साकिन मीम साकिन के लिए, मेरे अपने मुझ से जब बरहम

क्या ग़म के साथ हम जिएँ और क्या ख़ुशी के साथ

kya gam ke sah hum jiye

क्या ग़म के साथ हम जिएँ और क्या ख़ुशी के साथ जो दिल को दे सुकून गुज़र हो

तू मुझ को सुन रहा है तो सुनाई क्यूँ नहीं देता

tu mujh ko sun raha hai

तू मुझ को सुन रहा है तो सुनाई क्यूँ नहीं देता ये कुछ इल्ज़ाम हैं मेरे सफ़ाई क्यूँ

दिल ए बरहम की ख़ातिर मुद्दआ कुछ भी नहीं होता

dil e barham kee khatir

दिल ए बरहम की ख़ातिर मुद्दआ कुछ भी नहीं होता अजब हालत है अब शिकवा गिला कुछ भी