जो होने वाला है वो हादसा दिखाई तो दे

kaam is dil ki tabahi se kya liya jaaye

जो होने वाला है वो हादसा दिखाई तो दे कोई चराग जलाओ हवा दिखाई तो दे, तेरी गली

हर गम से मुस्कुराने का हौसला मिलता है

har-gam-se-muskurane

हर गम से मुस्कुराने का हौसला मिलता है ये दिल ही तो है जो गिरता और संभलता है,

क्या सरोकार अब किसी से मुझे

kya-sarokar-ab-kisi

क्या सरोकार अब किसी से मुझे वास्ता था तो था बस तुझी से मुझे, बेहिसी का भी अब

रखा न अब कहीं का दिल ए बेक़रार ने

rakha-na-ab-kahin

रखा न अब कहीं का दिल ए बेक़रार ने बर्बाद कर दिया ग़म ए बे इख़्तियार ने, दिल

तमन्ना दो दिलों की एक ही मालूम होती है

tamanna-do-dilo-ki

तमन्ना दो दिलों की एक ही मालूम होती है अब उनकी हर ख़ुशी अपनी ख़ुशी मालूम होती है,

तर्क ए ग़म गवारा है और न ग़म का यारा है

tark-e-gam-ganvara

तर्क ए ग़म गवारा है और न ग़म का यारा है अब तो दिल की हर धड़कन आ’लम

रंगों की आड़ में खुनी खेल, ये इंसानियत क्या जाने ?

rango-ki-aad-me

रंगों की आड़ में खुनी खेल, ये इंसानियत क्या जाने ? हरा, भगवा में डूबे हुए केसरिया का

इश्क़ कर के मुक़र गई होगी…

ishq-kar-ke-muqar

इश्क़ कर के मुक़र गई होगी वो तो लड़की है डर गई होगी, आदतें सब ख़राब कर के

बाद मरने के मेरे किसी केलब पे तो मेरा नाम होगा

baad-marne-ke-mere

बाद मरने के मेरे किसी केलब पे तो मेरा नाम होगा मातम होगा कहीं, कहीं शहनाइयों का एहतिमाम

आग बहते हुए पानी में लगाने आई

aag-bahte-hue-paani

आग बहते हुए पानी में लगाने आई तेरे ख़त आज मैं दरिया में बहाने आई, फिर तेरी याद