तुझे है मश्क़ ए सितम का मलाल वैसे ही

तुझे है मश्क़ ए

तुझे है मश्क़ ए सितम का मलाल वैसे ही तुझे है मश्क़ ए सितम का मलाल वैसे ही

वो लोग ही हर दौर में महबूब रहे हैं

वो लोग ही हर

वो लोग ही हर दौर में महबूब रहे हैं वो लोग ही हर दौर में महबूब रहे हैं

मेरा ख़ामोश रह कर भी उन्हें सब कुछ सुना देना

mera-khamosh-rah-kar

मेरा ख़ामोश रह कर भी उन्हें सब कुछ सुना देना ज़बाँ से कुछ न कहना देख कर आँसू

ऐ मेरे हम नशीं चल कहीं और चल

ae-mere-ham-nashin

ऐ मेरे हम नशीं चल कहीं और चल इस चमन में अब अपना गुज़ारा नहीं, बात होती गुलों

एक अजनबी ख़याल में ख़ुद से जुदा रहा

ek-ajnabi-khyal-me

एक अजनबी ख़याल में ख़ुद से जुदा रहा नींद आ गई थी रात मगर जागता रहा, संगीन हादसों

आइने का मुँह भी हैरत से खुला रह जाएगा

आईने का मुँह भी

आइने का मुँह भी हैरत से खुला रह जाएगा जो भी देखेगा तुझे वो देखता रह जाएगा, हम

मोहब्बत के सिवा हर्फ़ ओ बयाँ से कुछ नहीं होता

मोहब्बत के सिवा हर्फ़

मोहब्बत के सिवा हर्फ़ ओ बयाँ से कुछ नहीं होता हवा साकिन रहे तो बादबाँ से कुछ नहीं

जब से उनका ख्याल रखा है

जब से उनका ख्याल

जब से उनका ख्याल रखा है दिल ने मुश्किल में डाल रखा है, उन पर दिल ये आ

कहो तो आज दिल ए बे क़रार कैसे हो ?

कहो तो आज दिल

कहो तो आज दिल ए बे क़रार कैसे हो ? शब ए अलम के सताए नज़ार कैसे हो

भीगा हुआ है आँचल आँखों में भी नमी है

भीगा हुआ है आँचल

भीगा हुआ है आँचल आँखों में भी नमी है फैला हुआ है काजल आँखों में भी नमी है,