जहाँ वहम ओ गुमाँ हो जाएगा क्या

jahan vaham o gumaan ho jayega kya

जहाँ वहम ओ गुमाँ हो जाएगा क्या यहाँ सब कुछ धुआँ हो जाएगा क्या ? सितारे धूल और

कोई साया अच्छे साईं धूप बहुत है

koi saya achche saaee dhoop bahut hai

कोई साया अच्छे साईं धूप बहुत है मर जाऊँगा अच्छे साईं धूप बहुत है, साँवली रुत में ख़्वाब

उजाड़ आँखों में रत जगों का अज़ाब उतरा है नीम शब को

ujaad ankhon me rat jagon ka azaab utra hai neem shab ko

उजाड़ आँखों में रत जगों का अज़ाब उतरा है नीम शब को जो दर्द जागा है शाम ढलते

वो किसी भी अक्स ए जमाल में नहीं आएगा

wo kisi bhi aks e jamal me nahi ayega

वो किसी भी अक्स ए जमाल में नहीं आएगा वो जवाब है तो सवाल में नहीं आएगा, नहीं

गलियों की बस ख़ाक उड़ा के जाना है

galiyon ki bas khaaq uda ke jaana hai

गलियों की बस ख़ाक उड़ा के जाना है हम को भी आवाज़ लगा के जाना है, रस्ते में

जिन्हें हम कह नहीं पाए वो बातें याद आती हैं

jinhen hum kah nahi paaye wo baaten yaad aati hain

जिन्हें हम कह नहीं पाए वो बातें याद आती हैं गुज़शता ना मुलाक़ातों की यादें याद आती हैं,

यादें पागल कर देती हैं

yaaden pagal kar deti hain

यादें पागल कर देती हैं बातें पागल कर देती हैं, चेहरा होश उड़ा देता है आँखें पागल कर

तेरा ख़याल बहुत देर तक नहीं रहता

tera khyal bahut der tak nahi rahta

तेरा ख़याल बहुत देर तक नहीं रहता कोई मलाल बहुत देर तक नहीं रहता, उदास करती है अक्सर

देखे हुए किसी को बहुत दिन गुज़र गए

dekhe hue kisi ko bahut din guzar gaye

देखे हुए किसी को बहुत दिन गुज़र गए इस दिल की बेबसी को बहुत दिन गुज़र गए, हर

आप की आँख अगर आज गुलाबी होगी

aap ki aankh agar aaj gulabi hogi

आप की आँख अगर आज गुलाबी होगी मेरी सरकार बड़ी सख़्त ख़राबी होगी, मोहतसिब ने ही पढ़ा होगा