जाते जाते मुझे इल्ज़ाम तो देते जाओ…

tanav me jab aaye to dhaage tut jate hai

जाते जाते मुझे इल्ज़ाम तो देते जाओ दिल के रिश्ते को कोई नाम तो देते जाओ, दम निकल

वो इस अंदाज़ की मुझसे मोहब्बत चाहता है…

wo is andaz ki mujhse mohabbat chahta hai

वो इस अंदाज़ की मुझसे मोहब्बत चाहता है मेरे हर ख़्वाब पर अपनी हुकूमत चाहता है, मेरे हर

आँखें मुझे तलवों से वो मलने नहीं देते…

aankhe mujhe wo talwo se malne nahi dete

आँखें मुझे तलवों से वो मलने नहीं देते अरमान मेरे दिल के निकलने नहीं देते, ख़ातिर से तेरी

देसों में सब से अच्छा हिन्दोस्तान मेरा…

deso me sabse achcha hindostan mera

देसों में सब से अच्छा हिन्दोस्तान मेरा रू ए ज़मीं पे जन्नत, जन्नत निशान मेरा, वो प्यारा प्यारा

हुस्न ए मह गरचे ब हंगाम ए कमाल अच्छा है…

husn e mah garche ba hungam kamal achcha hai

हुस्न ए मह गरचे ब हंगाम ए कमाल अच्छा है उससे मेरा मह ए ख़ुर्शीद ज़माल अच्छा है,

तेरी ख़ुशियों का सबब यार कोई और है न

teri khushiyo ka sabab yaar koi aur hai na

तेरी ख़ुशियों का सबब यार कोई और है न दोस्ती मुझ से और प्यार कोई और है न

ये चुभन अकेलेपन की, ये लगन उदास शब से…

ye chubhan akelepan ki

ये चुभन अकेलेपन की, ये लगन उदास शब से मैं हवा से लड़ रहा हूँ, तुझे क्या बताऊँ

जिनके घरो में आज भी चूल्हा नहीं जला…

khana gar ham unko khilaye to eid hai

जिनके घरो में आज भी चूल्हा नहीं जला खाना गर हम उनको खिलाएँ तो ईद है, पानी नहीं

मुबारक़ हो ! अहल ए वतन क्या ख़ूब…

sone ki chidiya ko bhi khada kar diya bhookhe nange ki qataro me

मुबारक़ हो ! अहल ए वतन क्या ख़ूब इज्ज़त बख्शी है आलमी अखबारों ने   सोने की चिड़िया

आया ही नहीं कोई बोझ अपना उठाने को…

aaya hi nahi koi bojh apna uthane ko

आया ही नहीं कोई बोझ अपना उठाने को कब तक मैं छुपा रखता इस ख़्वाब ख़ज़ाने को ?