दी है वहशत तो ये वहशत ही मुसलसल हो जाए…

dee hai wahshat to ye wahshat hi musalsal ho jaaye

दी है वहशत तो ये वहशत ही मुसलसल हो जाए रक़्स करते हुए अतराफ़ में जंगल हो जाए,

गर्म रफ़्तार है तेरी ये पता देते हैं…

garm raftar hai teri ye pata dete hai

गर्म रफ़्तार है तेरी ये पता देते हैं दम बदम लौ तेरे नक़्श ए कफ़ ए पा देते

कोई नई चोट फिर से खाओ ! उदास लोगो…

koi nayi chot fir se khaao udas logo

कोई नई चोट फिर से खाओ ! उदास लोगो कहा था किसने कि मुस्कुराओ ! उदास लोगो, गुज़र

जो चल सको तो कोई ऐसी चाल चल जाना…

jo chal sako to koi aisi chaal chal jaana

जो चल सको तो कोई ऐसी चाल चल जाना मुझे गुमाँ भी ना हो और तुम बदल जाना,

किताबों में मेरे फ़साने ढूँढते हैं…

kitabo me mere fasane dhoondhte hai

किताबों में मेरे फ़साने ढूँढते हैं नादां हैं गुज़रे ज़माने ढूँढते हैं, जब वो थे तलाश ए ज़िंदगी

अब के रुत बदली तो ख़ुशबू का सफ़र देखेगा कौन…

ab ke rut badali to khushboo ka safar dekhega kaun

अब के रुत बदली तो ख़ुशबू का सफ़र देखेगा कौन ज़ख़्म फूलों की तरह महकेंगे पर देखेगा कौन

इस तरह मोहब्बत में दिल पे हुक्मरानी है…

Bazme_khyal

इस तरह मोहब्बत में दिल पे हुक्मरानी है दिल नहीं मेरा गोया उनकी राजधानी है, घास के घरौंदे

बेतकल्लुफ़ मेरा है जान बनाता है मुझे…

use ham paa hi lete bas zara saa aur chalte to

बेतकल्लुफ़ मेरा है जान बनाता है मुझे सामने तेरे कहाँ बोलना आता है मुझे, वो उदासी कि बिखरने

एक दिन ख़ुद को अपने पास बिठाया हमने…

हैरतों के सिलसिले सोज़

एक दिन ख़ुद को अपने पास बिठाया हमने पहले यार बनाया फिर समझाया हमने, ख़ुद भी आख़िर कार

बरसों जुनूँ सहरा सहरा भटकाता है…

zakhm e tanhai me khushboo e hina kiski thi

बरसों जुनूँ सहरा सहरा भटकाता है घर में रहना यूँही नहीं आ जाता है, प्यास और धूप के