किए वादों का निभाना बाक़ी है

kiye-waado-ka-nibhana

किए वादों का निभाना बाक़ी है और अभी उनको मनाना बाक़ी है, मुझे अपना भी समझना बाक़ी है

बात करते है ख़ुशी की भी तो रंज़ के साथ

baat-karte-hai-khushi

बात करते है ख़ुशी की भी तो रंज़ के साथ वो हँसाते भी है ऐसा कि रुला देते

कभी कहा न किसी से तेरे फ़साने को

kabhi-kaha-na-kisi

कभी कहा न किसी से तेरे फ़साने को न जाने कैसे ख़बर हो गई ज़माने को, दुआ बहार

साथ चलते आ रहे हैं पास आ सकते नहीं

saath-chalte-aa-rahe

साथ चलते आ रहे हैं पास आ सकते नहीं एक नदी के दो किनारों को मिला सकते नहीं,

हुस्न ए मह गरचे बहंगाम ए कमाल अच्छा है

husn-e-mah-garche

हुस्न ए मह गरचे बहंगाम ए कमाल अच्छा है उससे मेरा मह ए ख़ुर्शीद जमाल अच्छा है, बोसा

जुज़ तेरे कोई भी दिन रात न जाने मेरे

juz-tere-koi-bhi

जुज़ तेरे कोई भी दिन रात न जाने मेरे तू कहाँ है मगर ऐ दोस्त पुराने मेरे ?

यकुम जनवरी है नया साल है

yakum-janwari-hai naya

यकुम जनवरी है नया साल है दिसम्बर में पूछूँगा क्या हाल है, बचाए ख़ुदा शर की ज़द से

ज़िन्दगी की कशमकश से परेशान बहुत है

zindagi ki kashmakash se pareshan bahut hai

ज़िन्दगी की कशमकश से परेशान बहुत है दिल को न उलझाओ ये नादान बहुत है, यूँ सामने आ

गिले फ़ुज़ूल थे अहद ए वफ़ा के होते हुए

gile-fuzul-the-ahad

गिले फ़ुज़ूल थे अहद ए वफ़ा के होते हुए सो चुप रहा सितम ए नारवां के होते हुए,

किसी दरबार की आमीन भरी खल्वत में

kisi-darbar-ki-aamin

किसी दरबार की आमीन भरी खल्वत में ऐन मुमकिन है तुम्हे मेरा पता मिल जाए, ये भी हो