हर्फ़ ए गलत न था मुझे समझा गया गलत

harf e galat na tha

हर्फ़ ए गलत न था मुझे समझा गया गलत लिखा गया गलत कभी बोला गया गलत, मैं भी

दिल में औरों के लिए कीना ओ कद रखते हैं

dil me auro ke liye kina o kad

दिल में औरों के लिए कीना ओ कद रखते हैं वही लोग इख़्लास के पर्दे में हसद रखते

इंसान को वक़्त के हिसाब से चलना पड़ता है

insan ko waqt ke hisab se

इंसान को वक़्त के हिसाब से चलना पड़ता है बाद ठोकर ही सही आख़िर संभलना पड़ता है, हमदर्द

सरहदों पर है अपने जवानों का गम

sarhadon par hai apne

सरहदों पर है अपने जवानों का गम और बस्ती में जलते मकानों का गम, फिर से ये गंदी

जिस तरह चढ़ता है उसी तरह उतरता है

jis tarah chadhta hai usi tarah

जिस तरह चढ़ता है उसी तरह उतरता है चोटियों पर सदा के लिए कौन ठहरता है ? बहुत

दुख और तरह के हैं दुआ और तरह की

dukh aur tarah ke hai dua aur

दुख और तरह के हैं दुआ और तरह की और दामन ए क़ातिल की हवा और तरह की,

ऐ वक़्त ज़रा थम जा ये कैसी रवानी है

ae waqt zara tham jaa

ऐ वक़्त ज़रा थम जा ये कैसी रवानी है आँखों में अभी बाक़ी एक ख्वाब ए जवानी है,

दिल भी बुझा हो शाम की परछाइयाँ भी हों

dil bhi bujha ho sham ki

दिल भी बुझा हो शाम की परछाइयाँ भी हों मर जाइये जो ऐसे में तन्हाइयाँ भी हों, आँखों

उनसे मिलिए जो यहाँ फेर बदल वाले है

unse miliye yahan jo fer badal wale hai

उनसे मिलिए जो यहाँ फेर बदल वाले है हमसे मत बोलिए हम लोग गज़ल वाले है, कैसे शफ़्फ़ाफ

नज़र फ़रेब ए क़ज़ा खा गई तो क्या होगा

nazar fareb e qaza khaa gai

नज़र फ़रेब ए क़ज़ा खा गई तो क्या होगा हयात मौत से टकरा गई तो क्या होगा ?