दस्त ए मुनइम मेरी मेहनत का ख़रीदार सही

dast-e-munaeem-meri-mehnat-ka-kharidar-sahi

दस्त ए मुनइम मेरी मेहनत का ख़रीदार सही कोई दिन और मैं रुस्वा सर ए बाज़ार सही, फिर

मुझ से कहा जिब्रील ए जुनूँ ने ये भी वहइ ए इलाही है

mujh-se-kaha-zibreel-e-junoon-ne-ye-bhi-vahee-e-ilaahi-hai

मुझ से कहा जिब्रील ए जुनूँ ने ये भी वहइ ए इलाही है मज़हब तो बस मज़हब ए

दस्त ए पुर ख़ूँ को कफ़ ए दस्त ए निगाराँ समझे

dast-e-pur-khoon-ko-kaf-e-dast-e-nigaaraan-samjhe

दस्त ए पुर ख़ूँ को कफ़ ए दस्त ए निगाराँ समझे क़त्ल गह थी जिसे हम महफ़िल ए

मेरे पीछे ये तो मुहाल है कि ज़माना गर्म ए सफ़र न हो

mere-pichhe-ye-to-muhaal-hai-ki-zamana-garm-e-safar-na-ho

मेरे पीछे ये तो मुहाल है कि ज़माना गर्म ए सफ़र न हो कि नहीं मेरा कोई नक़्श

जिस दम ये सुना है सुब्ह ए वतन महबूस फ़ज़ा ए ज़िंदाँ में

jis-dam-ye-suna-hai-subh-e-watan-mahbus-fazaa-e-zindaan-me

जिस दम ये सुना है सुब्ह ए वतन महबूस फ़ज़ा ए ज़िंदाँ में जैसे कि सबा ऐ हम

हों जो सारे दस्त ओ पा हैं ख़ूँ मैं नहलाए हुए

ho-jo-saare-dast-o-paa-hain-khoon-me-nahlaaye-hue

हों जो सारे दस्त ओ पा हैं ख़ूँ मैं नहलाए हुए हम भी हैं ऐ दिल बहाराँ की

डरा के मौज ओ तलातुम से हम नशीनों को

dara-ke-mauj-o-talatum-se-hum-nasheeno

डरा के मौज ओ तलातुम से हम नशीनों को यही तो हैं जो डुबोया किए सफ़ीनों को, जमाल

वो तो गया ये दीदा ए ख़ूँ बार देखिए

wo-to-gaya-ye-deeda-e-khoon-baar-dekhiye

वो तो गया ये दीदा ए ख़ूँ बार देखिए दामन पे रंग ए पैरहन ए यार देखिए, दिखला

अदा ए तूल ए सुख़न क्या वो इख़्तियार करे

adaa-e-tool-e-sukhan-kya-wo-ikhtiyaar-kare

अदा ए तूल ए सुख़न क्या वो इख़्तियार करे जो अर्ज़ ए हाल ब तर्ज़ ए निगाह ए

जल्वा ए गुल का सबब दीदा ए तर है कि नहीं

jalwa-e-gul-ka-sabab-deedaa-e-tar-hai-ki-nahi

जल्वा ए गुल का सबब दीदा ए तर है कि नहीं मेरी आहों से बहाराँ की सहर है