ज़िन्दगी की कशमकश से परेशान बहुत है
ज़िन्दगी की कशमकश से परेशान बहुत है दिल को न उलझाओ ये नादान बहुत है, यूँ सामने आ
ज़िन्दगी की कशमकश से परेशान बहुत है दिल को न उलझाओ ये नादान बहुत है, यूँ सामने आ
गिले फ़ुज़ूल थे अहद ए वफ़ा के होते हुए सो चुप रहा सितम ए नारवां के होते हुए,
किसी दरबार की आमीन भरी खल्वत में ऐन मुमकिन है तुम्हे मेरा पता मिल जाए, ये भी हो
महफ़िले ख़्वाब हुई रह गए तन्हा चेहरे वक़्त ने छीन लिए कितने शनासा चेहरे, सारी दुनियाँ के लिए
दिल से उतर जाने में एक लम्हा लगता है दिल के बदल जाने में एक लम्हा लगता है,
दर्द कई होते है दिल में छुपाने के लिए सब के सब आँसू नहीं होते दिखाने के लिए,
काश ! तुम मेरी होती तो क्या गज़ब ज़िन्दगी होती फिर ना ज़िन्दगी में हमारी कभी कोई कमी
वो बड़े बनते हैं अपने नाम से हम बड़े बनते है अपने काम से, वो कभी आग़ाज़ कर
ख़्वाब के फूलों की ताबीरें कहानी हो गईं ख़ून ठंडा पड़ गया आँखें पुरानी हो गईं, जिस का
अज़ीब कर्ब में गुज़री जहाँ जहाँ गुज़री अगरचे चाहने वालो के दरमियाँ गुज़री, तमाम उम्र चिराग़ ए उम्मीद