है बहुत मूड में इस वक़्त दिल ए ज़ार चलो

है बहुत मूड में इस वक़्त दिल ए ज़ार चलो
तुम मेरे साथ चलो और लगातार चलो,

भाड़ में डालो हर एक वक़्त की दीवार चलो
कहीं गुमराह न हो जाए यहाँ प्यार चलो,

हम हैं जब दोनों मोहब्बत में गिरफ़्तार चलो
चलो दिलदार चलो चाँद के पार चलो,

ये जो दुनिया है ये हम को नहीं मिलने देगी
उम्र भर अपनी जगह से न ये हिलने देगी,

इश्क़ के चाक ए गरेबाँ को न सिलने देगी
प्यार के ग़ुंचों को हरगिज़ नहीं खिलने देगी,

ऐसे आलम में मुनासिब नहीं इंकार चलो
चलो दिलदार चलो चाँद के पार चलो,

डालते रहते हैं डोरे ये ज़माने के हसीं
अपनी नज़रों में हैं ऐसे कई ग़ारत गर ए दीं,

तुम को इस बात का एहसास कोई है कि नहीं
दिल न पड़ जाए किसी और के चक्कर में कहीं,

मेरी मानो तो अभी छोड़ के घर बार चलो
चलो दिलदार चलो चाँद के पास चलो,

रह के इस दुनिया में तुम ने अभी देखा क्या है ?
बस ये सोचो कि मोहब्बत का तक़ाज़ा क्या है ?

रिश्ता दारों की इनायत का भरोसा क्या है ?
साथ हैं हम जो तुम्हारे तुम्हें खटका क्या है ?

अब तो रहने दो बहुत हो चुकी तकरार चलो
चलो दिलदार चलो चाँद के पार चलो,

ख़ौफ़ ए रुस्वाई कोई चाँद की दुनिया में नहीं
मामी या ताई कोई चाँद की दुनिया में नहीं,

एक हरजाई कोई चाँद की दुनिया में नहीं
आप का भाई कोई चाँद की दुनिया में नहीं,

ख़ुश-नसीबी के नज़र आते हैं आसार, चलो
चलो दिलदार चलो चाँद के पार चलो,

चाँद के पार सुना है कि फ़ज़ा अच्छी है
सुर्ख़ हो जाओगी तुम आब ओ हवा अच्छी है,

जिस जगह हम हैं यहाँ से तो ज़रा अच्छी है
मान लो राय हमारी ब ख़ुदा अच्छी है,

आए दिन तुम तो यहाँ रहती हो बीमार चलो
चलो दिलदार चलो चाँद के पार चलो..!!

~पॉपुलर मेरठी


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