लिखना नहीं आता तो मेरी जान पढ़ा कर…

लिखना नहीं आता तो मेरी जान पढ़ा कर
हो जाएगी तेरी मुश्किल आसान पढ़ा कर,

पढ़ने के लिए अगर तुझे कुछ न मिले तो
चेहरे पे लिखे दर्द के उन्वान पढ़ा कर,

लारेब, तेरी रूह को तस्कीन मिलेगी
तू क़ुर्ब के लम्हात में क़ुरआन पढ़ा कर,

आ जाएगा तुझे इक़बाल जीने का क़रीना
तू सरवर ए कोनैन के फ़रमान पढ़ा कर..!!


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