चूर था ज़ख़्मों से दिल ज़ख़्मी जिगर भी हो गया

choor tha zakhmon se dil zakhmi jigar bhi ho gaya

चूर था ज़ख़्मों से दिल ज़ख़्मी जिगर भी हो गया उस को रोते थे कि सूना ये नगर

कौन बताए कौन सुझाए कौन से देस सिधार गए

kaun bataye kaun sujhaye kaun se des sidhar gaye

कौन बताए कौन सुझाए कौन से देस सिधार गए उन का रस्ता तकते तकते नैन हमारे हार गए,

न डगमगाए कभी हम वफ़ा के रस्ते में

na dagmagaye kabhi hum wafa ke raste me

न डगमगाए कभी हम वफ़ा के रस्ते में चराग़ हम ने जलाए हवा के रस्ते में, किसे लगाए

ज़र्रे ही सही कोह से टकरा तो गए हम

zarre hi sahi koh se takra to gaye hum

ज़र्रे ही सही कोह से टकरा तो गए हम दिल ले के सर ए अर्सा ए ग़म आ

गाहे गाहे बस अब यही हो क्या

gaahe gaahe bas ab yahi ho kya

गाहे गाहे बस अब यही हो क्या तुम से मिल कर बहुत ख़ुशी हो क्या ? मिल रही

बातें तो कुछ ऐसी हैं कि ख़ुद से भी न की जाएँ

baaten to kuch aisi hai ki khud se bhi na ki jaayen

बातें तो कुछ ऐसी हैं कि ख़ुद से भी न की जाएँ सोचा है ख़मोशी से हर एक

अफ़्सोस तुम्हें कार के शीशे का हुआ है

afsos tumhen kaar ke shishe ka hua hai

अफ़्सोस तुम्हें कार के शीशे का हुआ है परवाह नहीं एक माँ का जो दिल टूट गया है,

आग है फैली हुई काली घटाओं की जगह

aag faili hui kaali ghataaon ki jagah

आग है फैली हुई काली घटाओं की जगह बद दुआएँ हैं लबों पर अब दुआओं की जगह, इंतिख़ाब

फ़ैज़ और फ़ैज़ का ग़म भूलने वाला है कहीं

faiz aur faiz ka gam bhulne wala hai kahin

फ़ैज़ और फ़ैज़ का ग़म भूलने वाला है कहीं मौत ये तेरा सितम भूलने वाला है कहीं, हम

जीवन मुझ से मैं जीवन से शरमाता हूँ

jivan mujh se main jivan se sharmata hoon

जीवन मुझ से मैं जीवन से शरमाता हूँ मुझ से आगे जाने वालो में आता हूँ, जिन की