मुझे शौक़ था तेरे साथ का

mujhe shauq tha tere sath ka

मुझे शौक़ था तेरे साथ का जो न मिल सका चलो खैर है मेरी ज़िन्दगी भी गुज़र गई

मीर ओ ग़ालिब बने यगाना बने

meer o galib bane yagaana bane

मीर ओ ग़ालिब बने यगाना बने आदमी ऐ ख़ुदा ख़ुदा न बने, मौत की दस्तरस में कब से

शेर होता है अब महीनों में

sher hota hai ab mahino me

शेर होता है अब महीनों में ज़िंदगी ढल गई मशीनों में, प्यार की रौशनी नहीं मिलती उन मकानों

ये सोच कर न माइल ए फ़रियाद हम हुए

ye soch kar na maaiel e fariyad hum hue

ये सोच कर न माइल ए फ़रियाद हम हुए आबाद कब हुए थे कि बर्बाद हम हुए, होता

हम ने सुना था सहन ए चमन में कैफ़ के बादल छाए हैं

hum ne suna tha sahan e chaman me kaif ke badal chhaye hain

हम ने सुना था सहन ए चमन में कैफ़ के बादल छाए हैं हम भी गए थे जी

ये जो शब के ऐवानों में इक हलचल एक हश्र बपा है

ye jo shab ke aewano me ek hulchal ek hashr bapa hai

ये जो शब के ऐवानों में इक हलचल एक हश्र बपा है ये जो अंधेरा सिमट रहा है

तेरी आँखों का अजब तुर्फ़ा समाँ देखा है

teri ankhon ka azab turfa samaan dekha hai

तेरी आँखों का अजब तुर्फ़ा समाँ देखा है एक आलम तेरी जानिब निगराँ देखा है, कितने अनवार सिमट

उस ने जब हँस के नमस्कार किया

us ne jab hans ke namaskar kiya

उस ने जब हँस के नमस्कार किया मुझ को इंसान से अवतार किया, दश्त ए ग़ुर्बत में दिल

वो जो था वो कभी मिला ही नहीं

wo jo tha wo kabhi mila hi nahin

वो जो था वो कभी मिला ही नहीं सो गरेबाँ कभी सिला ही नहीं, उस से हर दम

दिल ने वफ़ा के नाम पर कार ए वफ़ा नहीं किया

dil ne wafa ke naam par kaar e wafa nahi kiya

दिल ने वफ़ा के नाम पर कार ए वफ़ा नहीं किया ख़ुद को हलाक कर लिया ख़ुद को