वतन को कुछ नहीं ख़तरा निज़ाम ए ज़र है ख़तरे में

watan ko kuch nahi khatra nizam e zar hai khatre me

वतन को कुछ नहीं ख़तरा निज़ाम ए ज़र है ख़तरे में हक़ीक़त में जो रहज़न है वही रहबर

सुनो मादर-ए-हिन्द के नौ-निहालो

suno madar e hind ke nau nihaalo

सुनो मादर-ए-हिन्द के नौ-निहालो सदाक़त पे गर्दन कटा लेने वालो उठो ख़्वाब-ए-ग़फ़लत मिटा लो मिटा लो कमर-बस्ता हो

स्वराज का झंडा भारत में गड़वा दिया गाँधी बाबा ने

swaraj ka jhanda bharat me gadwa diya gandhi baba ne

स्वराज का झंडा भारत में गड़वा दिया गाँधी बाबा ने दिल क़ौम-ओ-वतन के दुश्मन का दहला दिया गाँधी

दिन को दिन रात को मैं रात न लिखने पाऊँ

din ko din raat ko main raat na likhne paaoon

दिन को दिन रात को मैं रात न लिखने पाऊँ उनकी कोशिश है कि हालात न लिखने पाऊँ,

हर तरफ़ महकी हुई मेरे चमन की ख़ुशबू

har taraf mahki hui

हर तरफ़ महकी हुई मेरे चमन की ख़ुशबू है फ़ज़ाओ में अज़ानों की भजन की ख़ुशबू, मुझ को

आओ मनाएँ हम सब मिल कर अब जश्न ए आज़ादी

aao manayayen ham sab

आओ मनाएँ हम सब मिल कर अब जश्न ए आज़ादी देस का झंडा ऊँचा रखे हाथ बनें फ़ौलादी,

अहिंसा की शमशीर चमकी इसी दिन

ahinsa ki shamshir chamki

अहिंसा की शमशीर चमकी इसी दिन ग़ुलामी की ज़ंजीर टूटी इसी दिन, गुलिस्ताँ की तक़दीर बदली इसी दिन

फ़र्द फ़र्द मस्त है आज पंद्रह अगस्त है

fard fard mast hai

फ़र्द फ़र्द मस्त है, आज पंद्रह अगस्त है जोश है उबाल है, रंग है गुलाल है, गली गली

हिन्द का आज़ाद हो जाना कोई आसाँ नहीं

hind ka azaad ho

हिन्द का आज़ाद हो जाना कोई आसाँ नहीं देखना तुम को अभी क्या क्या दिखाया जाएगा, देखना तुम

भारत के ऐ सपूतो हिम्मत दिखाए जाओ

bharat ke ae sapooto

भारत के ऐ सपूतो हिम्मत दिखाए जाओ दुनिया के दिल पे अपना सिक्का बिठाए जाओ, मुर्दादिली का झंडा