वल्लाह किस जुनूँ के सताए हुए हैं लोग

vallah kis junoon ke sataye hue hai log

वल्लाह किस जुनूँ के सताए हुए हैं लोग हमसाए के लहू में नहाए हुए हैं लोग, ये तिश्नगी

घर पे ठंडे चूल्हे पर अगर ख़ाली पतीली है

ghar pe thande chulhe par agar khaali patili hai

घर पे ठंडे चूल्हे पर अगर ख़ाली पतीली है बताओं कैसे लिख दूँ धूप फागुन की नशीली है

ये अमीरों से हमारी फ़ैसलाकुन जंग थी

ye amiron se humari faislakun jung thi

ये अमीरों से हमारी फ़ैसलाकुन जंग थी फिर कहाँ से बीच में मस्जिद व मंदिर आ गए ?

जो उलझकर रह गई है फ़ाइलों के जाल में

jo ulajhkar rah gayi hai faailon ke jaal me

जो उलझकर रह गई है फ़ाइलों के जाल में गाँव तक वह रौशनी आएगी कितने साल में ?

जो डलहौज़ी न कर पाया वो ये हुक्काम कर देंगे

jo dalhauji na kar paya wo ye huqqam kar denge

जो डलहौज़ी न कर पाया वो ये हुक्काम कर देंगे कमीशन दो तो हिंदुस्तान को नीलाम कर देंगे,

उनका दावा मुफ़लिसी का मोर्चा सर हो गया

unka daava muflisi ka morcha sar ho gaya

उनका दावा मुफ़लिसी का मोर्चा सर हो गया पर हक़ीक़त ये है मौसम और बदतर हो गया, बंद

भुखमरी की ज़द में है या दार के साये में है

bhukmari kee zad me hai yaa daar ke saaye me hai

भुखमरी की ज़द में है या दार के साये में है अहले हिंदुस्तान अब तलवार के साये में

नीलोफ़र, शबनम नहीं, अँगार की बातें करो

nilofar shabnam nahi angaar kee baaten karo

नीलोफ़र, शबनम नहीं, अँगार की बातें करो वक़्त के बदले हुए मेयार की बातें करो, भाप बन सकती

ख़ूब आज़ादी ए सहाफ़त है

khoob aazadi e sahafat hai

ख़ूब आज़ादी ए सहाफ़त है नज़्म लिखने पे भी क़यामत है, दावा जम्हूरियत का है हर आन ये

वही हालात हैं फ़क़ीरों के

wahi haalaat hai fakiron ke

वही हालात हैं फ़क़ीरों के दिन फिरे हैं फ़क़त वज़ीरों के, अपना हल्क़ा है हल्क़ा ए ज़ंजीर और