जनाब ए आली बिछड़ने की कोई बात नहीं

janab e aali bichhadne kee koi baat nahi

जनाब ए आली बिछड़ने की कोई बात नहीं हमारे सीने में एक दिल है पाँच सात नहीं, बहुत

हाकिम ए शहर के अंदाज़ हैं हिंदा जैसे

haqim e shahar ke andaz hai hinda jaise

हाकिम ए शहर के अंदाज़ हैं हिंदा जैसे हम तो हाथों में थमा देंगे कलेजा जैसे, सख़्त मुश्किल

यूँ भरम अपनी अमीरी का बना रखा है

yun bharam apni ameeree ka bana rakha hai

यूँ भरम अपनी अमीरी का बना रखा है घर तो ख़ाली है मगर ताला लगा रखा है, आल

करता है कोई अब भी पज़ीराई हमारी

karta hai koi ab bhi paziraaee humari

करता है कोई अब भी पज़ीराई हमारी रुस्वाई भी लगती नहीं रुस्वाई हमारी, हम देख के दुनिया भी

चश्म देखूँ न मैं उस की न ही अबरू देखूँ

chashm dekhoon na main us kee na hee abroo dekhoon

चश्म देखूँ न मैं उस की न ही अबरू देखूँ फिर वो क्या शय है जिसे दुनिया में

वो आ के बैठे थे जिस वक़्त आशियाने में

wo aa ke baithe the jis waqt aashiyane me

वो आ के बैठे थे जिस वक़्त आशियाने में अमीर झाँक रहे थे ग़रीब ख़ाने में, हज़ार क़ाफ़िले

ज़िंदगी ऐसे चल रही है दोस्त

zindagi aise chal rahi hai dost

ज़िंदगी ऐसे चल रही है दोस्त जैसे मय्यत निकल रही है दोस्त, आज जाना है ग़म की महफ़िल

आँख से कैसे कहूँ अब भी अंधेरा देखे

aankh se kaise kahoon ab bhi andhera dekhe

आँख से कैसे कहूँ अब भी अंधेरा देखे मुद्दतें बीत गईं धूप का जल्वा देखे, दो गिलासों में

तू तो तन्हा सर ए बाज़ार निकल जाता है

tu to tanha sar e bazar nikal jaata hai

तू तो तन्हा सर ए बाज़ार निकल जाता है देखते देखते माहौल बदल जाता है, तुम ने हर

तू मुझे याद करे ऐसा तरीक़ा निकले

tu mujhe yaad kare aisa tareeqa nikale

तू मुझे याद करे ऐसा तरीक़ा निकले मेरी यकतरफ़ा मोहब्बत का नतीजा निकले, तेरी आँखों में दिखाई दे