दूर तक छाए थे बादल और कहीं साया न था

door-tak-chhaye-the

दूर तक छाए थे बादल और कहीं साया न था इस तरह बरसात का मौसम कभी आया न

जो हम पे गुज़रे थे रंज़ सारे, जो ख़ुद पे गुज़रे तो लोग समझे

jo-ham-pe-guzre

जो हम पे गुज़रे थे रंज़ सारे, जो ख़ुद पे गुज़रे तो लोग समझे जब अपनी अपनी मुहब्बतों

नसीम ए सुबह गुलशन में गुलो से खेलती होगी

nasim-e-subah-gulshan

नसीम ए सुबह गुलशन में गुलो से खेलती होगी किसी की आख़िरी हिचकी किसी की दिल्लगी होगी, तुम्हे

उम्र भर चलते रहे हम वक़्त की तलवार पर

umr-bhar-chalte-rahe

उम्र भर चलते रहे हम वक़्त की तलवार पर परवरिश पाई है अपने ख़ून ही की धार पर,

ज़िन्दगी की कशमकश से परेशान बहुत है

zindagi ki kashmakash se pareshan bahut hai

ज़िन्दगी की कशमकश से परेशान बहुत है दिल को न उलझाओ ये नादान बहुत है, यूँ सामने आ

महफ़िले ख़्वाब हुई रह गए तन्हा चेहरे

mahfile-khwab-hui-rah

महफ़िले ख़्वाब हुई रह गए तन्हा चेहरे वक़्त ने छीन लिए कितने शनासा चेहरे, सारी दुनियाँ के लिए

दिल से उतर जाने में एक लम्हा लगता है

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दिल से उतर जाने में एक लम्हा लगता है दिल के बदल जाने में एक लम्हा लगता है,

दर्द कई होते है दिल में छुपाने के लिए

dard-kai-hote-hai

दर्द कई होते है दिल में छुपाने के लिए सब के सब आँसू नहीं होते दिखाने के लिए,

ख़्वाब के फूलों की ताबीरें कहानी हो गईं

khwab-ke-phoolo-ki

ख़्वाब के फूलों की ताबीरें कहानी हो गईं ख़ून ठंडा पड़ गया आँखें पुरानी हो गईं, जिस का

अज़ीब कर्ब में गुज़री जहाँ जहाँ गुज़री

azib-karb-me-guzri

अज़ीब कर्ब में गुज़री जहाँ जहाँ गुज़री अगरचे चाहने वालो के दरमियाँ गुज़री, तमाम उम्र चिराग़ ए उम्मीद