किसी रंजिश को हवा दो कि मैं ज़िंदा हूँ अभी

kisi ranjish ko hawa

किसी रंजिश को हवा दो कि मैं ज़िंदा हूँ अभी मुझको एहसास दिला दो कि मैं ज़िंदा हूँ

मेरे दुख की कोई दवा न करो

Mere Dukh ki koi

मेरे दुख की कोई दवा न करो मुझको मुझ से अभी जुदा न करो, नाख़ुदा को ख़ुदा कहा

सामने है जो उसे लोग बुरा कहते हैं

Samne hai jo use

सामने है जो उसे लोग बुरा कहते हैं जिस को देखा ही नहीं उस को ख़ुदा कहते हैं,

कुछ तो दुनिया की इनायात ने दिल तोड़ दिया

Kuch to duniya ki

कुछ तो दुनिया की इनायात ने दिल तोड़ दिया और कुछ तल्ख़ी ए हालात ने दिल तोड़ दिया,

बूढ़ा टपरा, टूटा छपरा और उस पर बरसातें सच

boodha-tapara-tuta-chhapra

बूढ़ा टपरा, टूटा छपरा और उस पर बरसातें सच उसने कैसे काटी होगी, लंबी लंबी राते सच ?

सज़ा पे छोड़ दिया कुछ जज़ा पे छोड़ दिया

saza pe chod diya

सज़ा पे छोड़ दिया कुछ जज़ा पे छोड़ दिया हर एक काम को मैं ने ख़ुदा पे छोड़

क़िस्से मेरी आशुफ़्ता नवाई के बहुत थे

Qisse meri ashufta nawai

क़िस्से मेरी आशुफ़्ता नवाई के बहुत थे चर्चे तेरी अंगुश्त नुमाई के बहुत थे, दुनिया की तलब ही

दिल से मंज़ूर तेरी हम ने क़यादत नहीं की

Dil se manzoor teri

दिल से मंज़ूर तेरी हम ने क़यादत नहीं की ये अलग बात अभी खुल के बग़ावत नहीं की,

नज़र नज़र से मिला कर कलाम कर आया

Nazar nazar se mila

नज़र नज़र से मिला कर कलाम कर आया ग़ुलाम शाह की नींदें हराम कर आया, कई चराग़ हवा

वो मेरे ख़्वाब की ताबीर तो बताए मुझे

Wo mere khwab ki

वो मेरे ख़्वाब की ताबीर तो बताए मुझे मैं धूप में हूँ मगर ढूँढते हैं साए मुझे, मैं