ग़म ए उल्फ़त में डूबे थे उभरना भी ज़रूरी था

Gam e ulfat me

ग़म ए उल्फ़त में डूबे थे उभरना भी ज़रूरी था हमें राह ए मोहब्बत से गुज़रना भी ज़रूरी

सर में सौदा भी नहीं दिल में तमन्ना भी नहीं

Sar me sauda bhi

सर में सौदा भी नहीं दिल में तमन्ना भी नहीं लेकिन इस तर्क ए मोहब्बत का भरोसा भी

ज़िंदगी वादी ओ सहरा का सफ़र है क्यूँ है ?

zindagi vaadi o sahra

ज़िंदगी वादी ओ सहरा का सफ़र है क्यूँ है ? इतनी वीरान मेरी राह गुज़र है क्यूँ है

मुट्ठी भर लोगों के हाथों में लाखों की तक़दीरें हैं

Mutthi bhar logo ke

मुट्ठी भर लोगों के हाथों में लाखों की तक़दीरें हैं जुदा जुदा हैं धर्म इलाक़े एक सी लेकिन

तन्हा तन्हा दुख झेलेंगे महफ़िल महफ़िल गाएँगे

Tanha tanha dukh jhelenge

तन्हा तन्हा दुख झेलेंगे महफ़िल महफ़िल गाएँगे जब तक आँसू पास रहेंगे तब तक गीत सुनाएँगे, तुम जो

अज़ीज़ो न पूछो कहाँ रह गया

azizo na pucho kahan

अज़ीज़ो न पूछो कहाँ रह गया जहाँ जी लगा बस वहाँ रह गया, जो रहना था बर्क़ ए

तेग़ ए जफ़ा को तेरी नहीं इम्तिहाँ से रब्त

Teg e zafa ko

तेग़ ए जफ़ा को तेरी नहीं इम्तिहाँ से रब्त मेरी सुबुकसरी को है बार ए गराँ से रब्त,

ख़ामोश इस तरह से न जल कर धुआँ उठा

Khamosh is tarah se

ख़ामोश इस तरह से न जल कर धुआँ उठा ऐ शम्अ कुछ तो बोल कभी तो ज़बाँ उठा,

कुछ देर काली रात के पहलू में लेट के

kuch der kaali raat

कुछ देर काली रात के पहलू में लेट के लाया हूँ अपने हाथों में जुगनू समेट के, दो

नींद से आँख खुली है अभी देखा क्या है

Neend se aankh khuli

नींद से आँख खुली है अभी देखा क्या है देख लेना अभी कुछ देर में दुनिया क्या है,