चर्चा है आज बस यही हर एक ज़बान पर

charcha hai aaj bas

चर्चा है आज बस यही हर एक ज़बान पर जल्दी बनेगी फ़िल्म मेंरी दास्तान पर, मैंने जमा के

इंसाफ ज़ालिमों की हिमायत में जायेगा

insaf zalimo ki himayat

इंसाफ ज़ालिमों की हिमायत में जायेगा ये हाल है तो कौन अदालत में जायेगा ? दस्तार नोच नोच

हर सू जहाँ में शाम ओ सहर ढूँढते हैं हम

har soo jahan me

हर सू जहाँ में शाम ओ सहर ढूँढते हैं हम जो दिल में घर करे वो नज़र ढूँढते

चराग़ ख़ुद ही बुझाया बुझा के छोड़ दिया

charag khud hi bujhaya

चराग़ ख़ुद ही बुझाया बुझा के छोड़ दिया वो ग़ैर था उसे अपना बना के छोड़ दिया, हज़ार

कुटिया में कौन आएगा इस तीरगी के साथ

kutiya me kaun ayega

कुटिया में कौन आएगा इस तीरगी के साथ अब ये किवाड़ बंद करो ख़ामोशी के साथ, साया है

बुरा बुरे के अलावा भला भी होता है

bura bure ke alawa

बुरा बुरे के अलावा भला भी होता है हर आदमी में कोई दूसरा भी होता है, तुम अपने

जज़्बात का ख़ामोश असर देख रहा हूँ

jazbaat ka khamosh asar

जज़्बात का ख़ामोश असर देख रहा हूँ बेचैन है दिल आँख को तर देख रहा हूँ, ख़ाकिस्तर ए

जहाँ ग़म है न अब कोई ख़ुशी है

jahan gam hai na

जहाँ ग़म है न अब कोई ख़ुशी है मोहब्बत उस जगह पर आ गई है, जिसे देखो उसे

मुश्किल में है जान बहुत

mushkil me hai jaan

मुश्किल में है जान बहुत जान है अब हैरान बहुत,   उस पत्थर दिल इंसाँ पर होते रहे

लगता नहीं है दिल मिरा उजड़े दयार में

lagta nahin hai dil

लगता नहीं है दिल मिरा उजड़े दयार में किस की बनी है आलम ए ना पाएदार में, इन