दोनों में थी हवस कि मोहब्बत तो थी नहीं

dono me thi hawas

दोनों में थी हवस कि मोहब्बत तो थी नहीं यानी वफ़ा की उनको ज़रूरत तो थी नहीं, अच्छा

इश्क़ की राह में यूँ हद से गुज़र मत जाना

ishq ki raah me

इश्क़ की राह में यूँ हद से गुज़र मत जाना हों घड़े कच्चे तो दरिया में उतर मत

सुनो ये ग़म की सियह रात जाने वाली है

suno ye gam ki

सुनो ये ग़म की सियह रात जाने वाली है अभी अज़ान की आवाज़ आने वाली है, तुझे यक़ीन

भूले बिसरे हुए ग़म याद बहुत करता है

bhoole bisre hue gam

भूले बिसरे हुए ग़म याद बहुत करता है मेरे अंदर कोई फ़रियाद बहुत करता है, रोज़ आता है

रंग ओ बू के जहाँ के थे ही नहीं

rang o boo ke

रंग ओ बू के जहाँ के थे ही नहीं इस ज़मीं आसमाँ के थे ही नहीं, राह ओ

दुश्मनों से रह ख़फ़ा एक हद तलक

dushmanon se rah khafa

दुश्मनों से रह ख़फ़ा एक हद तलक दोस्तों से भी निभा एक हद तलक, हम निवाला हम पियाला

कोई दुश्मन भला भाता किसे है

koi dushman bhala bhaata

कोई दुश्मन भला भाता किसे है बनाना दोस्त भी आता किसे है फ़ना हो कर बक़ा पाता है

हम तो शायद यहाँ के थे ही नहीं

ham to shayad yahan ke

हम तो शायद यहाँ के थे ही नहीं इस ज़मीं आसमाँ के थे ही नहीं, तन्हा तन्हा ही

अपना ख़ुर्शीद और अपना ही क़मर पैदा कर

apna khurshid aur apna

अपना ख़ुर्शीद और अपना ही क़मर पैदा कर तू मोहब्बत का शजर है तो समर पैदा कर, हर

बदहवासी बदगुमानी बेनियाज़ी आप की

badhawasi badgumani beniyazi aap

बदहवासी बदगुमानी बेनियाज़ी आप की मुश्किलों में डाल देगी ज़िंदगानी आप की, देख कर हैरत है सब को